आगा सैयद का लोकसभा से इस्तीफा मंजूर: नेशनल कॉन्फ्रेंस छोड़ने के बाद श्रीनगर सीट खाली
नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर की राजनीती में मचे सियासी घमासान के बीच सांसद आगा सैयद रुहुल्ला मेहदी ने नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेका) छोड़ने के बाद लोकसभा सदस्यता से भी पूरी तरह इस्तीफा दे दिया है।
लोकसभा सचिवालय की ओर से जारी आधिकारिक अधिसूचना के मुताबिक, सदन के अध्यक्ष ने उनका यह त्यागपत्र 3 नवंबर 2026 से मंजूर कर लिया है। इस बड़े राजनीतिक कदम के बाद श्रीनगर लोकसभा सीट अब आधिकारिक रूप से खाली घोषित हो गई है।
गंभीर आरोपों पर नेका सुप्रीमो ने साधी चुप्पी
पार्टी छोड़ते समय रुहुल्ला ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की कार्यशैली पर सीधा प्रहार करते हुए कहा कि जिस कुर्सी पर वे बैठे हैं, वह उनके साथ-साथ आवाम के लिए भी दुख का सबब बन चुकी है और उमर को अपनी टोपी व वकार दूसरों के कदमों में रखने की जरूरत नहीं थी।
उन्होंने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि वे खुदा से दुआ करते हैं कि सत्ता के लिए उन्हें कभी इतनी लाचारी न देखनी पड़े कि अपनी टोपी ही फेंकनी पड़े, साथ ही चुनौती दी कि अगर असली इज्जत और स्वाभिमान देखना है तो बडगाम आकर देखा जाए।
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मुख्यमंत्री को अक्षम करार देते हुए रुहुल्ला ने पार्टी सुप्रीमो डॉ. फारूक अब्दुल्ला को निशाने पर लिया और कहा कि उन्हें अपने बेटे को कुरान की तालीम देनी चाहिए, जिन्होंने विधानसभा चुनावों के तुरंत बाद भारतीय जनता पार्टी के खौफ से अनुच्छेद 370 के स्टैंड पर यू-टर्न ले लिया।
वहीं, रूहुल्ला मेहदी के इस अचानक फैसले और गंभीर आरोपों पर जब डॉ. फारूक अब्दुल्ला से सवाल किया गया तो उन्होंने फिलहाल कुछ भी कहने से इनकार करते हुए बात को टाल दिया।
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