वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच संयुक्त राष्ट्र का बड़ा हस्तक्षेप: होर्मुज को राजनीतिक युद्ध का मैदान न बनाएं

वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच संयुक्त राष्ट्र का बड़ा हस्तक्षेप: होर्मुज को राजनीतिक युद्ध का मैदान न बनाएं

नई दिल्ली(इंटरनेशनल डेस्क)। वैश्विक ऊर्जा संकट और समुद्री व्यापार में बढ़ते तनाव के बीच, संयुक्त राष्ट्र (UN) महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने एक बड़ा बयान जारी किया है।उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य  को बिना किसी शर्त के अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए फिर से खोलने की अपील की है। महासचिव ने स्पष्ट किया कि समुद्र के इस महत्वपूर्ण रास्ते को किसी भी राजनीतिक या सैन्य विवाद का हथियार नहीं बनाया जाना चाहिए।

महासचिव ने संबंधित पक्षों से सीधा आग्रह करते हुए कहा। मैं पक्षों से अपील करता हूं। होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलें। जहाजों को गुजरने दें। न कोई टोल (टैक्स) लें, न कोई भेदभाव करें। व्यापार को फिर से शुरू होने दें और वैश्विक अर्थव्यवस्था को सांस लेने दें।

मार्च 2026 की शुरुआत से ही इस मार्ग पर जहाजों की आवाजाही बाधित है, जिसका मुख्य कारण ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच हालिया सैन्य तनाव और संघर्ष है। इस मार्ग के बंद होने से ऊर्जा बाजार में भारी अस्थिरता आई है। परिवहन और बीमा की लागत बढ़ गई है, जिससे वैश्विक खाद्य आपूर्ति और व्यापार पर बुरा असर पड़ा है।

गुटेरेस ने बताया कि समुद्र में लगभग 20,000 नाविक फंसे हुए हैं और 2,000 से अधिक वाणिज्यिक जहाज खतरनाक स्थितियों में अटके हुए हैं। 2,000 से अधिक वाणिज्यिक जहाज (जिनमें तेल टैंकर और कंटेनर शिप शामिल हैं) इस क्षेत्र में फंसे हैं। इन जहाजों पर अरबों डॉलर का माल लदा हुआ है।

महासचिव ने स्पष्ट किया कि समुद्री कानून और सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों के तहत ‘नेविगेशन की स्वतंत्रता’ का सम्मान किया जाना चाहिए। और उन्होंने तनाव को कम करने के लिए संयुक्त राष्ट्र की ओर से मध्यस्थता की पेशकश भी की है, ताकि बातचीत के जरिए इस संकट का हल निकाला जा सके।


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Raja Zaid

"राजा ज़ैद एक जाने-माने पत्रकार हैं। उन्हें देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ राजनीति और सामायिक विषयो की कवरेज का 15 वर्षो से अधिक का अनुभव है।