शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को हाई कोर्ट से बड़ी राहत, अवमानना याचिका खारिज

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को हाई कोर्ट से बड़ी राहत, अवमानना याचिका खारिज

लखनऊ। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य मुकुंदानंद ब्रह्मचारी को बड़ी राहत देते हुए उनके खिलाफ दायर अवमानना याचिका को खारिज कर दिया है।

बता दें कि यह याचिका आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज द्वारा दायर की गई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने पॉक्सो (POCSO) मामले में मिली अग्रिम जमानत की शर्तों का उल्लंघन किया है।

याचिकाकर्ता का दावा था कि जमानत मिलने के बाद शंकराचार्य ने नाबालिग पीड़ितों के गृह जिलों में बिना अनुमति रैलियां और जनसभाएं आयोजित कीं और मीडिया में भड़काऊ बयान देकर न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की।

जस्टिस दिनेश पाठक की पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए स्पष्ट किया कि उपलब्ध तथ्यों के आधार पर अवमानना की कार्यवाही शुरू करने का कोई ठोस मामला नहीं बनता है। अदालत ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि यदि याचिकाकर्ता को लगता है कि जमानत की शर्तों का वास्तव में उल्लंघन हो रहा है, तो वह कानून के अनुसार स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की जमानत रद्द कराने के लिए अलग से आवेदन दे सकते हैं।

इससे पहले न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल ने खुद को इस मामले की सुनवाई से अलग कर लिया था, जिसके बाद मुख्य न्यायाधीश ने इस याचिका को न्यायमूर्ति दिनेश पाठक की पीठ के समक्ष नामित किया था। यह मामला मूल रूप से प्रयागराज के माघ मेले के दौरान नाबालिगों के साथ कथित यौन शोषण के आरोपों से जुड़ा है, जिसमें हाईकोर्ट ने मार्च 2026 में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को अग्रिम जमानत प्रदान की थी।


Discover more from

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Raja Zaid

"राजा ज़ैद एक जाने-माने पत्रकार हैं। उन्हें देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ राजनीति और सामायिक विषयो की कवरेज का 15 वर्षो से अधिक का अनुभव है।