दिल्ली: साइबर पुलिस ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ रैकेट का किया भंडाफोड़, बंगाल से तीन गिरफ्तार
दिल्ली साइबर पुलिस ने पश्चिम बंगाल से तीन लोगों को गिरफ्तार कर एक बड़े ‘डिजिटल अरेस्ट’ जबरन वसूली रैकेट का भंडाफोड़ किया है
नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने एक बड़े ‘डिजिटल अरेस्ट’ रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए पश्चिम बंगाल से तीन शातिर जालसाजों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस को पिछले कुछ समय से डिजिटल अरेस्ट के जरिए लोगों से लाखों-करोड़ों रुपये ठगे जाने की लगातार शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद तकनीकी सर्विलांस और खुफिया इनपुट के आधार पर एक विशेष टीम का गठन किया गया।
जांच के दौरान पुलिस को इन ठगों के तार पश्चिम बंगाल से जुड़े होने के पुख्ता सबूत मिले, जिसके बाद दिल्ली पुलिस की एक टीम ने बंगाल में छापेमारी कर इन तीनों आरोपियों को दबोच लिया।
पकड़े गए आरोपियों के पास से पुलिस ने बड़ी संख्या में मोबाइल फोन, फर्जी सिम कार्ड, एटीएम कार्ड और कई बैंक खातों के विवरण बरामद किए हैं, जिनका इस्तेमाल वे ठगी की रकम को इधर-उधर करने के लिए करते थे।
पूछताछ में सामने आया है कि यह गिरोह बेहद शातिराना तरीके से लोगों को अपना शिकार बनाता था। ये जालसाज खुद को सीबीआई, नारकोटिक्स विभाग, ईडी या ट्राई (TRAI) का वरिष्ठ अधिकारी बताकर सीधे लोगों को वीडियो कॉल करते थे।
पीड़ितों को डराने के लिए ये ठग बकायदा पुलिस स्टेशन या किसी सरकारी दफ्तर जैसा बैकग्राउंड तैयार रखते थे और वर्दी या आधिकारिक वेशभूषा में नजर आते थे।
इसे भी पढ़ें: अपराध मुक्त होता भारत: NCRB ने दर्ज की 5.7% की कमी
बातचीत के दौरान वे पीड़ितों को झांसा देते थे कि उनके नाम से कोई ऐसा कूरियर या पार्सल पकड़ा गया है जिसमें ड्रग्स, फर्जी पासपोर्ट या अवैध हथियार हैं, या फिर उनके बैंक खाते का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकी फंडिंग जैसी देशविरोधी गतिविधियों में हुआ है।
कानूनी कार्रवाई और जेल जाने का खौफ दिखाकर वे पीड़ितों को घंटों या दिनों तक वीडियो कॉल पर ही रहने के लिए मजबूर करते थे, जिसे ‘डिजिटल अरेस्ट’ कहा जाता है। इस दौरान पीड़ितों को किसी से भी बात करने या संपर्क करने की इजाजत नहीं होती थी।
जब पीड़ित पूरी तरह डर जाता था, तब ये ठग मामले को रफा-दफा करने या ‘कथित जांच’ के नाम पर एक सुरक्षित सरकारी खाते में पैसे ट्रांसफर करने का दबाव बनाते थे। घबराहट में लोग अपनी जीवनभर की कमाई इन जालसाजों के खातों में भेज देते थे।
पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला है कि इस गिरोह ने दिल्ली-एनसीआर समेत देश के कई अन्य राज्यों में भी दर्जनों लोगों को अपना शिकार बनाया है और अब तक करोड़ों रुपये की ठगी को अंजाम दे चुके हैं।
गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी मुख्य रूप से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बैंक खाते और सिम कार्ड का इंतजाम करते थे और ठगी की रकम को तुरंत अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर निकाल लेते थे।
दिल्ली पुलिस अब इनके पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है ताकि इस रैकेट के मास्टरमाइंड और अन्य सहयोगियों तक पहुंचा जा सके। इसके साथ ही पुलिस ने लोगों से अपील की है कि कोई भी सरकारी एजेंसी फोन या वीडियो कॉल पर किसी को गिरफ्तार नहीं करती और न ही पैसे की मांग करती है, इसलिए ऐसे किसी भी कॉल आने पर तुरंत स्थानीय पुलिस या साइबर हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत दर्ज कराएं।
Discover more from
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
