अपराध मुक्त होता भारत: NCRB ने दर्ज की 5.7% की कमी
दिल्ली: नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (NCRB) द्वारा जारी की गई ताज़ा रिपोर्ट (रिपोर्ट 2024) के अनुसार, देश में अपराध की स्थिति में कुछ सकारात्मक बदलाव देखे गए हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, 2023 की तुलना में 2024 में कुल दर्ज अपराधों में लगभग 5.7% से 6% की कमी आई है.
नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो की ओर से जारी किए गए ताजां आंकड़ों के मुताबिक, भारत में 2024 में 58.85 लाख अपराध दर्ज किए गए. इन आंकड़ों पर गौर करें तो 2023 की तुलना में इनमें 6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है. यहां 2023 में 62.41 लाख मामले सामने आए थे. वहीं देश के सभी महानगरों में दिल्ली में नाबालिगों द्वारा किए गए अपराधों की संख्या सबसे ज्यादा रही. रिपोर्ट में बताया गया है कि राष्ट्रीय राजधानी और 18 दूसरे महानगरों में भी 2023 के आंकड़ों की तुलना में 2024 में नाबालिगों द्वारा किए गए अपराधों की संख्या में थोड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई.
NCRB के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली में 2024 में नाबालिगों द्वारा किए गए अपराधों के 2,306 मामले सामने आए. ये 2023 में दर्ज 2,278 मामलों से थोड़ा ज्यादा हैं, लेकिन 2022 में दर्ज 2,336 मामलों से कम है. दिल्ली में इस तरह के अपराधों की संख्या सबसे ज्यादा रही, जो चेन्नई (466), बेंगलुरु (386), हैदराबाद (316) और अहमदाबाद (295) जैसे दूसरे महानगरों से कहीं ज्यादा है.
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राजधानी में 2022 और 2024 के बीच वरिष्ठ नागरिकों के खिलाफ अपराधों में कमी भी दर्ज की गई, हालांकि सभी महानगरों में इस तरह के मामलों की संख्या अभी भी सबसे ज्यादा दिल्ली में ही रही. 2024 में दिल्ली में इस तरह के 1,267 मामले सामने आए, जो 2023 के 1,361 मामलों और 2022 के 1,313 मामलों से कम हैं. 2024 में प्रति एक लाख लोगों पर अपराध की दर 419 रही, जो 2023 के 448 के आंकड़े से कम है और 2019 के बाद से सबसे कम है. 2019 में यह आंकड़ा 385 था.
भारतीय दंड संहिता (IPC) और भारतीय न्याय संहिता (BNS), IPC का नया रूप है और 2024 के बीच में इसे लागू किया गया था. इसके तहत दर्ज अपराधों की वजह से ही कुल अपराधों में सबसे ज्यादा कमी आई. पिछले साल के मुकाबले, 2024 में IPC/BNS के तहत अपराध 0.22 मिलियन कम होकर 3.54 मिलियन रह गए. विशेष और स्थानीय कानूनों (SLL) के तहत अपराध 0.14 मिलियन कम होकर 2.34 मिलियन रह गए.
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