पार्टी दफ्तर पर फर्जी कंपनियों के रजिस्ट्रेशन का दावा, आप ने केंद्र सरकार को घेरा

पार्टी दफ्तर पर फर्जी कंपनियों के रजिस्ट्रेशन का दावा, आप ने केंद्र सरकार को घेरा

नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज ने BJP और केंद्र सरकार पर अपनी पार्टी को बदनाम करने की साजिश रचने का बड़ा आरोप लगाया है।

उनका दावा है कि हाल ही में करीब दो महीनों के भीरत 58 अलग-अलग फर्जी कंपनियों और कारोबारों का GST रजिस्ट्रेशन जानबूझकर ‘आप’ के दिल्ली वाले मुख्य दफ्तर के पते पर कर दिया गया।

भारद्वाज का कहना है कि आने वाले पंजाब चुनाव से ठीक पहले आम आदमी पार्टी को ड्रग तस्करों और नकली कंपनियों से जोड़कर फंसाने के लिए यह पूरी योजना तैयार की जा रही थी।

सौरभ भारद्वाज ने उठाए सवाल

सौरभ भारद्वाज के अनुसार, आप का राष्ट्रीय कार्यालय 1, कैनिंग लेन एरिया, नई दिल्ली में स्थित है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब यह एक सरकारी आवास है और वहां किसी भी निजी कंपनी का व्यावसायिक संचालन कानूनी रूप से संभव नहीं है, तो इस पते पर अलग-अलग नामों से 58 जीएसटी रजिस्ट्रेशन कैसे अप्रूव हो गए।

उन्होंने केंद्र सरकार से इन मामलों की उच्चस्तरीय जांच कराने और यह पता लगाने की मांग की है कि इन रजिस्ट्रेशन के ऑनलाइन सत्यापन की प्रक्रिया में कौन-कौन से अधिकारी और तंत्र शामिल थे।

उन्होंने प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि जीएसटी रजिस्ट्रेशन के लिए आधार आधारित ओटीपी सत्यापन के अलावा कारोबार के स्थान से संबंधित बिजली-पानी के बिल, रेंट एग्रीमेंट या मकान मालिक की एनओसी जैसे वैध दस्तावेजों की आवश्यकता होती है, और कई मामलों में भौतिक सत्यापन भी अनिवार्य होता है।

ऐसे में आप कार्यालय के पते पर इतने बड़े पैमाने पर रजिस्ट्रेशन होना कई संदेह पैदा करता है। उन्होंने विकास चौधरी, प्रियंका, आशा एंटरप्राइजेज, मोहम्मद अहमद, फैजान अहमद, साफिया खानम, काशिफ सिद्दीकी समेत कई अन्य नामों और कंपनियों का जिक्र किया, जिनके जरिए यह रजिस्ट्रेशन कराए गए हैं।

भारद्वाज ने आरोप लगाया कि इन गतिविधियों का उद्देश्य चुनाव से पहले यह दुष्प्रचार करना था कि आम आदमी पार्टी सैकड़ों शेल कंपनियां चला रही है और इन कंपनियों के माध्यम से अवैध धन या ड्रग्स का कारोबार किया जा रहा है।

उन्होंने याद दिलाया कि इससे पहले 2022 के पंजाब चुनाव से पहले आप पर खालिस्तानियों से फंड लेने और दिल्ली चुनाव से पहले शराब घोटाले के झूठे आरोप मढ़े गए थे, जो बाद में अदालतों में साबित नहीं हो पाए।

इस मामले को लेकर आम आदमी पार्टी ने 19 सितंबर को GST के बड़े अधिकारियों, ट्रेड टैक्स कमिश्नर और दिल्ली पुलिस कमिश्नर को लिखित शिकायत दी थी। इसके बावजूद, अब तक जिम्मेदार अधिकारियों की तरफ से इस पर कोई सही जवाब या कार्रवाई नहीं देखने को मिली है।

‘आप’ ने मांग उठाई है कि इस पुरे मामले की बारीकी से जांच की जाए, ताकि यह साफ हो सके कि आखिर किसने और किस बड़ी साजिश के तहत पार्टी दफ्तर के पते का इस्तेमाल कर यह फर्जीवाड़ा किया है।


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Mehak B