अहमदाबाद विमान हादसा: “मरते दम तक कंट्रोल थामे रहे कैप्टन”, मॉर्चरी में शव देखने वाले शख्स का चौंकाने वाला दावा

अहमदाबाद विमान हादसा: “मरते दम तक कंट्रोल थामे रहे कैप्टन”, मॉर्चरी में शव देखने वाले शख्स का चौंकाने वाला दावा

अहमदाबाद: पिछले साल जून में अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया (AI-171) विमान हादसे को लेकर एक नया और चौंकाने वाला दावा सामने आया है। इस हादसे में अपने तीन परिजनों को खोने वाले लैब टेक्नीशियन रोमिन वोहरा ने बताया कि उन्होंने मॉर्चरी में मुख्य पायलट कैप्टन सुमीत सभरवाल का शव देखा था।

उनके मुताबिक, कैप्टन का शव बैठने की स्थिति में था और उनके हाथ अब भी विमान के कंट्रोल (स्टीयरिंग) को मजबूती से पकड़े हुए थे। रोमिन के दावे से संकेत मिलता है। कि कैप्टन ने आखिरी पलों तक विमान को नियंत्रित करने का पूरा प्रयास किया होगा। हालांकि, हादसे की शुरुआती जांच में इसके लिए पायलटों की गलती की ओर इशारा किया गया था, जिस पर काफी विवाद और बवाल हुआ था।

मूल रूप से खेड़ा जिले के रहने वाले और पेशे से लैब टेक्नीशियन रोमिन वोहरा ने बताया कि मेडिकल क्षेत्र से जुड़े होने के कारण उन्हें 13 जून को अहमदाबाद के सिविल अस्पताल के मुर्दाघर (मॉर्चरी) में जाने की अनुमति मिली थी।

वहां उन्होंने देखा कि कैप्टन सभरवाल का शव एक मेज पर अलग रखा हुआ था। रोमिन के अनुसार, शव काफी सख्त (रिगर मॉर्टिस के कारण) हो गया था।और ऐसा लग रहा था। जैसे वह अपनी सीट पर बैठे हों। उनके पैर मुड़े हुए थे और हाथ आगे की तरफ फैले थे, मानो वे स्टीयरिंग थामे हुए हों। उन्होंने यह भी बताया कि कैप्टन अपनी वर्दी में थे, जिससे उनकी पहचान करना आसान हो गया।

उनका शरीर पीछे की तरफ से ज्यादा जला था, जबकि सामने का हिस्सा और चेहरा कम झुलसा था, जिसकी पुष्टि बाद में उन्होंने तस्वीरों से भी की। इस भीषण हादसे में रोमिन ने अपने भाई, भतीजी और चाची को खो दिया था।

यह दर्दनाक हादसा पिछले साल 12 जून को हुआ था, जब लंदन जाने वाली एयर इंडिया की फ्लाइट अहमदाबाद एयरपोर्ट से उड़ान भरने के तुरंत बाद मेघानीनगर के एक हॉस्टल परिसर में क्रैश हो गई थी। इस दुर्घटना में विमान में सवार 241 लोगों और जमीन पर मौजूद 19 लोगों सहित कुल 260 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि हादसे में सिर्फ एक यात्री ही सुरक्षित बच पाया था। इस विमान की कमान कैप्टन सुमीत सभरवाल और को-पायलट कैप्टन क्लाइव कुंडर के हाथों में थी।

इस नए दावे के सामने आने के बाद, 100 से अधिक पीड़ित परिवारों का प्रतिनिधित्व कर रही अमेरिका की एक कानूनी फर्म ‘चियोनुमा लॉ’ ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है।

फर्म के अधिकारियों का कहना है। कि अगर पायलट आखिरी समय तक कंट्रोल थामे हुए था, तो यह शुरुआती थ्योरी पर कई गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने मांग की है कि किसी एक व्यक्ति पर दोष मढ़ने के बजाय स्वतंत्र विशेषज्ञों से इसकी गहन जांच कराई जानी चाहिए ताकि वास्तविक सच्चाई सामने आ सके।

गौरतलब है कि विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने पिछले साल जुलाई में जारी अपनी शुरुआती रिपोर्ट में बताया था कि उड़ान भरने के कुछ ही सेकंड बाद विमान के इंजन के फ्यूल कंट्रोल स्विच बंद हो गए थे।

कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डर (CVR) की रिकॉर्डिंग के अनुसार, एक पायलट ने दूसरे से पूछा था कि उसने स्विच क्यों बंद किए, जिस पर दूसरे पायलट ने साफ इनकार किया था। रिपोर्ट के मुताबिक, फ्यूल सप्लाई बंद होते ही इंजन के N1 और N2 पैरामीटर अपनी टेक-ऑफ वैल्यू से नीचे गिर गए थे।

दूसरी तरफ, सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल नवंबर में इस मामले पर सुनवाई करते हुए स्पष्ट किया था कि विमान दुर्घटना के लिए किसी ने भी मुख्य पायलट को दोषी नहीं ठहराया है। अदालत ने कैप्टन सभरवाल के 91 वर्षीय बुजुर्ग पिता ढाढस बंधाते हुए कहा था कि वे इस बात का कोई भी भावनात्मक बोझ अपने ऊपर न लें।


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Raja Zaid

"राजा ज़ैद एक जाने-माने पत्रकार हैं। उन्हें देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ राजनीति और सामायिक विषयो की कवरेज का 15 वर्षो से अधिक का अनुभव है।