अखिलेश का भाजपा पर तीखा हमला: बोले- शंकराचार्य के साथ हैं, भाजपाइयों ने अयोध्या को लूटा
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया है कि अधर्मी भाजपाइयों ने पहले अयोध्या को लूटकर बर्बाद किया और अब झूठ फैलाकर इसे बदनाम कर रहे हैं, जिससे वहां का संत समाज बेहद आक्रोशित है
नई दिल्ली: समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोलते हुए पूज्य शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बयानों का 100% समर्थन किया है।
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि अधर्मी भाजपाइयों और उनके सहयोगियों ने पहले अयोध्या को लूटकर बर्बाद किया और अब वे झूठ फैलाकर इसे बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भाजपा के इस कृत्य से अयोध्या का संत-महंत समाज बेहद आहत और आक्रोशित है। सपा प्रमुख ने आगे कहा कि अयोध्यावासियों को ऐसा महसूस हो रहा है कि भाजपा के लोग अयोध्या के मान-सम्मान से किसी पिछले जन्म का बदला ले रहे हैं।
उन्होंने नारा दिया कि अब देश का हर आस्थावान व्यक्ति यही कह रहा है “आज का अब कभी न चाहिए बीजेपी!”
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दरअसल, यह पूरा मामला शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती द्वारा उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पर लगातार किए जा रहे हमलों से जुड़ा है। उत्तर प्रदेश के गोंडा पहुंचे शंकराचार्य ने एक बार फिर सीधे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयानों को झूठा करार दिया।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने स्पष्ट किया कि हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर कभी भी नमाज नहीं पढ़ी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर 27 साल पुराने एक मनगढ़ंत मामले को हवा दे रही है ताकि राम मंदिर के चंदा चोरी विवाद से जनता का ध्यान भटकाया जा सके।
शंकराचार्य ने राम मंदिर निर्माण के चंदे में हुई कथित हेराफेरी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इस मामले में अब तक दूध का दूध और पानी का पानी नहीं हो सका है। उन्होंने मुख्यमंत्री को घेरते हुए कहा, “योगी आदित्यनाथ ने खुद कहा था कि इस मामले की जांच के लिए एसआईटी (SIT) बना दी गई है और जल्द ही सच सामने आ जाएगा।
लेकिन जब वे दोबारा अयोध्या आए, तो उनके मन में यह डर बैठ गया कि अगर किसी ने चंदा चोरी की जांच रिपोर्ट को लेकर सवाल पूछ लिया तो वे क्या जवाब देंगे।” शंकराचार्य ने कहा कि इसी डर के कारण 27 साल पुरानी एक घटना को नया रूप देकर जनता के सामने पेश कर दिया गया ताकि मुख्य मुद्दे से ध्यान भटकाया जा सके।
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