पवन खेड़ा मामले में आया नया मोड़, तेलंगाना हाईकोर्ट से मिली राहत को चुनौती देने सुप्रीमकोर्ट पहुंची असम सरकार

पवन खेड़ा मामले में आया नया मोड़, तेलंगाना हाईकोर्ट से मिली राहत को चुनौती देने सुप्रीमकोर्ट पहुंची असम सरकार

नई दिल्ली। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के मामले में असम सरकार और असम पुलिस ने आज (13 अप्रैल, 2026) सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। यह कदम तेलंगाना हाईकोर्ट द्वारा खेड़ा को दी गई राहत को चुनौती देने के लिए उठाया गया है।

पवन खेड़ा ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी, रिनिकी भुइयां शर्मा पर “तीन अलग-अलग पासपोर्ट” रखने और चुनावी हलफनामे में विदेशी संपत्ति की जानकारी छिपाने के आरोप लगाए थे।

इन आरोपों के बाद असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी द्वारपावन खेड़ा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी। एफआईआर में पवन खेड़ा के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश (BNS की विभिन्न धाराओं) के तहत मामला दर्ज किया गया था।

10 अप्रैल, 2026 को तेलंगाना हाईकोर्ट ने पवन खेड़ा को एक सप्ताह के लिए ‘ट्रांजिट एंटिसिपेटरी बेल’ (अग्रिम जमानत) प्रदान की थी। कोर्ट ने उन्हें एक हफ्ते के भीतर असम की संबंधित अदालत में नियमित जमानत के लिए आवेदन करने का निर्देश दिया था।

असम सरकार ने अब सुप्रीम कोर्ट में इस आदेश को चुनौती दी है। सरकार का तर्क है कि मामला असम में दर्ज है, इसलिए तेलंगाना हाईकोर्ट के पास इस पर सुनवाई करने या राहत देने का अधिकार क्षेत्र (Jurisdiction) नहीं था। असम पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट से इस अंतरिम सुरक्षा को रद्द करने की मांग की है, ताकि वे अपनी जांच को आगे बढ़ा सकें।


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Raja Zaid

"राजा ज़ैद एक जाने-माने पत्रकार हैं। उन्हें देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ राजनीति और सामायिक विषयो की कवरेज का 15 वर्षो से अधिक का अनुभव है।