ब्रजभूषण शरण सिंह का बड़ा दावा: मंदिर बनने के बाद पहले दिन से चल रहा था चढ़ावा चोरी का खेल
लखनऊ। अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि मंदिर में दानपात्रों से कथित चंदा चोरी और हेराफेरी का मामला अब भारतीय जनता पार्टी के भीतर भी सुलगने लगा है। इस पूरे विवाद में अब बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह का एक बेहद चौंकाने वाला और विस्फोटक बयान सामने आया है।
बृजभूषण सिंह ने दावा किया है कि राम मंदिर के चंदे में यह खेल आज से नहीं, बल्कि पहले दिन से ही चल रहा था और उन्होंने इस अनियमितता को लेकर करीब 4 साल पहले ही आवाज उठाई थी।
पत्रकारों से बातचीत के दौरान पूर्व सांसद ने इस पूरे घटनाक्रम पर खुलकर अपनी चिंता जताई और साफ कहा कि यह दाग सिर्फ अब ट्रस्ट तक सीमित नहीं है, बल्कि इसकी आंच सरकार तक पहुंच रही है।
4 साल पहले ही चेताया था, तब कोई बोलने को तैयार नहीं था
बृजभूषण शरण सिंह ने अपने पैतृक आवास विश्नोहारपुर (गोंडा) में मीडिया से बात करते हुए दावा किया कि वह इस मंदिर में चल रहे खेल को बहुत पहले से जानते थे।
बृजभूषण सिंह ने इस पूरे प्रकरण में बड़ा दावा करते हुए कहा, “इस पूरे मामले में शुरुआत से ही कुछ न कुछ गड़बड़ी चल रही थी। मैंने करीब चार साल पहले ही इस मुद्दे को उठाया था, जब इस पर कोई और खुलकर बोलने को तैयार नहीं था। मैंने उस समय भी संभावित अनियमितताओं को लेकर सार्वजनिक रूप से अपनी चिंता व्यक्त की थी, लेकिन तब ध्यान नहीं दिया गया।”
उन्होंने आगे यह भी जोड़ा कि वह इतने बड़े राम जन्मभूमि आंदोलन के साक्षी और आरोपी रहे हैं, लेकिन विवादों और इस तरह के माहौल के कारण वह आज तक नए बने राम मंदिर में भगवान राम के दर्शन करने के लिए भी नहीं गए हैं।
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गौरतलब है कि चढ़ावा चोरी मामले प्रकाश में आने के बाद अपने पहले बयान में ब्रजभूषण शरण सिंह ने रामायण की एक चौपाई का उदाहरण देते हुए कहा था कि उनकी स्थिति वर्तमान में विभीषण जैसी है, जो लंका में 32 कठोर दांतों के बीच एक कोमल जीभ की तरह रहते थे।
बृजभूषण सिंह ने दबी जुबान में बड़े चेहरों की तरफ इशारा करते हुए कहा, “मैं बहुत कमजोर व्यक्ति हूं। अगर मैं इस वक्त पूरा सच बोलूंगा तो भारी संकट में आ जाऊंगा, क्योंकि इसके पीछे जो लोग हैं, वे बहुत शक्तिशाली हैं। अभी मुझमें पूरा सच बोलने की हिम्मत नहीं है, लेकिन समय आने पर मैं सब कुछ साफ-साफ बोलूंगा।”
अब उंगली केंद्र और प्रदेश सरकार पर उठ रही है
पूर्व सांसद ने केंद्र और राज्य सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि बिना धुएं के कोई आग नहीं निकलती। राम जन्मभूमि दान पात्र प्रकरण का जो धुआं निकल रहा है, उसमें पूरी तरह सच्चाई है। उन्होंने अपनी ही सरकार को आगाह करते हुए कहा कि अब यह मामला केवल राम मंदिर ट्रस्ट तक सीमित नहीं रह गया है।
बृजभूषण ने कहा कि जिस तरह से रोज नए दस्तावेज और सबूत सामने आ रहे हैं, उससे उंगली उठकर केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पर जा रही है। हालांकि, उन्होंने उम्मीद जताई कि पीएम मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रहे हैं और जल्द ही बड़ी मछलियों पर कार्रवाई होगी। उन्होंने साफ किया कि यह जो करारा झटका लगा है, वह विपक्ष ने नहीं बल्कि ट्रस्ट के ही अंदर बैठे जिम्मेदार लोगों ने दिया है।
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