बैंक धोखाधड़ी: अनिल अंबानी समूह के पूर्व MD अमिताभ झुनझुनवाला आर्थर रोड जेल भेजे गए
बैंक धोखाधड़ी केस के मामले में सीबीआई ने आरकॉम के पूर्व एमडी अमिताभ झुनझुनवाला को गिरफ्तार कर लिया है। उन्होंने मुंबई की आर्थर रोड जेल में रखा गया है। उनपर करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप हैं।
मुंबई: रिलायंस कम्युनिकेशंस ग्रुप के पूर्व प्रबंध निदेशक अमिताभ झुनझुनवाला को मंगलवार को मुंबई की आर्थर रोड जेल में रखा गया है।उन्हें सीबीआई ने करोड़ो रुपये के बैंक कर्ज धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तार किया है।
एक अधिकारी से मिली जानकारी के मुताबिक, मुंबई की एक अदालत ने सोमवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को झुनझुनवाला को गिरफ्तार करने की अनुमति दे दी थी, जो प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा जांच किए जा रहे एक संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में नई दिल्ली की तिहाड़ जेल में न्यायिक हिरासत में थे।
देर रात होने और आरोपी के दिल्ली से आने को ध्यान में रखते हुए अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया और पुलिस हिरासत की याचिका पर दिन में बाद में सुनवाई निर्धारित की।
अनिल अंबानी के नेतृत्व वाले रिलायंस कम्युनिकेशंस ग्रुप के ग्रुप मैनेजिंग डायरेक्टर झुनझुनवाला, कॉर्पोरेट फाइनेंस, बैंकिंग और फंड के उपयोग जैसे महत्वपूर्ण कार्यों की देखरेख करते थे।
इसे भी पढ़ें: सपा की समीक्षा बैठक: भाजपा सरकार पर बरसे नेता, कार्यकर्ताओं से चुनाव की तैयारियों में जुटने का आह्वान
सीबीआई का दावा है कि उनके निर्देशों के आधार पर ही बैंकों से प्राप्त ऋण राशि का प्रबंधन और उपयोग आरकॉम समूह के अन्य अधिकारियों द्वारा किया गया था, जिसके दुरुपयोग के कारण बैंकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा।
पिछले सप्ताह जांच एजेंसी ने इस मामले में 16 व्यक्तियों और संस्थाओं के खिलाफ विशेष अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया है। इस आरोप पत्र में झुनझुनवाला का नाम शामिल नहीं है, लेकिन उनके खिलाफ जांच अभी जारी है।
जिन आरोपियों के नाम चार्जशीट में हैं, उनमें रिलायंस कम्युनिकेशंस, कंपनी के पांच वरिष्ठ अधिकारी और 10 बैंक अधिकारी शामिल हैं।
सीबीआई ने एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि इन सभी पर आईपीसी के तहत आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, आपराधिक गबन और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आपराधिक कदाचार के आरोप लगाए गए हैं।
यह पूरा मामला एसबीआई द्वारा स्वीकृत 1,200 करोड़ रुपये के सावधि कर्ज, बैंक ऑफ महाराष्ट्र द्वारा स्वीकृत 500 करोड़ रुपये की साख सुविधा और सिंडिकेट बैंक द्वारा स्वीकृत 350 करोड़ रुपये की साख सुविधा के कथित दुरुपयोग से जुड़ा हुआ है।
Discover more from
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
