राहुल गांधी से समय न मिलने पर भड़के बिहार कांग्रेस के नेता, दिल्ली मुख्यालय पर देंगे धरना
नई दिल्ली: बिहार कांग्रेस के नाराज नेताओ ने अपनी ही पार्टी के खिलाफ बगावत की बिगुल फुक दिया है। विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद प्रदेश नेतृत्व से खफा ये नेता अब 8 सितम्बर को नई दिल्ली में पार्टी मुख्यालय के बाहर धरना देंगे। राहुल गांधी से मुलाकात का समय न मिलने से नाराज इन नेताओ का यह कदम पार्टी के अंदरूनी कलह को पूरी तरह सड़क पर ले आया है।
बिहार के कई वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं द्वारा नवंबर 2025 से राहुल गांधी से मिलने का समय न मिलने और पार्टी आलाकमान से उपेक्षा के चलते 8 सितंबर को दिल्ली स्थित इंदिरा भवन के बाहर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया है, क्योंकि उनका मुख्य गुस्सा प्रदेश प्रभारी महासचिव कृष्णा अल्लावरू और प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार पर है, जिनकी अगुवाई में 2025 के विधानसभा चुनाव में खुद प्रदेश अध्यक्ष अपनी सीट नहीं बचा सके थे और पार्टी का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा था।
कांग्रेस का प्रदर्शन बेहद ख़राब रहा
नाराज नेताओं ने पहले भी नवंबर 2025 में मल्लिकार्जुन खरगे, केसी वेणुगोपाल और अशोक गहलोत से मिलकर अपनी समस्याएं रखी थीं और आलाकमान से जल्द कार्रवाई का भरोसा मिलने के बावजूद महीनों तक धरातल पर कोई बदलाव न दिखने पर उनका सब्र टूट गया है।
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8 सितंबर को होने वाले इस प्रदर्शन में पूर्व उपाध्यक्ष जमाल अहमद व राजकुमार राजन, AICC सदस्य नागेंद्र पासवान, पूर्व विधायक छत्रपति यादव, बी. अख्तर और अनिल कुमार सिंह जैसे कई जाने-माने चेहरे शामिल हो सकते हैं, जबकि वरिष्ठ नेता किशोर कुमार झा ने भी इन समर्पित कार्यकर्ताओं की शिकायतें हाईकमान द्वारा सुने जाने की बात कही है।
बिहार विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का प्रदर्शन बेहद ख़राब रहा जहाँ पार्टी 2020 की 19 सीटो से घटकर सिर्फ 6 सीटों पर सिमट गई। इस करारी हार के बाद से ही बिहार कांग्रेस के नेताओ के बीच आपसी गुटबाजी और कलह काफी बढ़ गई है। अब यह अंदरूनी विवाद इस हद तक बढ़ चूका है की असंतुष्ट नेताओ ने अपनी ही पार्टी के खिलाफ दिल्ली में धरना देना शुरू कर दिया है।
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