अयोध्या राम मंदिर में कर्मचारियों की बायोमेट्रिक निगरानी
अयोध्या: राम मंदिर में सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था का इंतजाम बहुत सख्त कर दिया गया है। अब ड्यूटी पर आने-जाने वाले सभी कर्मचारियों के लिए फेस रीडिंग जरूरी कर दी गई है और रजिस्टर में भी आने-जाने का समय लिखा जा रहा है।
राम मंदिर के साथ-साथ रामघाट कार्यशाला, तीर्थ यात्री सेवा केंद्र, तीर्थ यात्री सुविधा केंद्र और रामनिवास जैसे मुख्य स्थानों पर कैमरे लगाए गए है। इन कैमरों की मदद से वहां काम करने वाले कर्मचारियों की उपस्थिति और गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
लगातार देरी से आने या ड्यूटी से गायब रहने वाले कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए जा रहे हैं और संतोषजनक जवाब न मिलने पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। वर्तमान में राम मंदिर परिसर की विभिन्न व्यवस्थाओं में ट्रस्ट के कर्मचारियों के अलावा एसआईएस के सुरक्षाकर्मी और सेना के सेवानिवृत्त जवान समेत करीब 1,000 कर्मचारी अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
पूर्व महासचिव चंपत राय का साधु-संतों से लगातार संपर्क
इस बीच, राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण की जांच और एसआईटी रिपोर्ट सामने आने के बाद मंदिर से जुड़े प्रमुख घटनाक्रमों और पदाधिकारियों की सक्रियता चर्चा में है। पूर्व महासचिव चंपत राय लगातार साधु-संतों से मुलाकात कर रहे हैं, वहीं पूर्व ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र ने रामकोट की परिक्रमा कर आगामी आयोजनों को लेकर चर्चा की है।
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इसके साथ ही, राम मंदिर के पूर्व व्यवस्थापक गोपाल राव का करीब एक महीने बाद अयोध्या वापस आना, रामलला के दर्शन करने और चंपत राय से मुलाकात को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
दूसरी ओर, राम मंदिर के चढ़ावा चोरी से जुड़े मामले में अदालत में सख्त कदम उठाया है। आरोपियों को पुलिस हिरासत में रखने के मामले को लेकर कोर्ट ने केस की जांच करने वाले अधिकारी को पूरी ‘केस डायरी’ के साथ अदालत में हाजिर होने का आदेश दिया है। इस मामले की अगली सुनवाई आगामी 25 अगस्त को होगी।
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