गैर-भाजपा शासित राज्यों में SIR प्रक्रिया पर BJP ने उठाए धांधली और नियमों के उल्लंघन के सवाल
गैर-भाजपा शासित राज्यों में जारी वोटर लिस्ट की एसआईआर (SIR) प्रक्रिया में सरकारी योजनाओं के प्रचार और धांधली का आरोप लगाते हुए बीजेपी ने चुनाव आयोग से शिकायत की है
नई दिल्ली: निर्वाचन आयोग द्वारा विभिन्न राज्यों में चलाई जा रही मतदाता सूची के ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ (SIR) प्रक्रिया को लेकर देश में सियासी घमासान शुरू हो गया है।
मौजूदा समय में पंजाब, कर्नाटक और तेलंगाना जैसे गैर-भाजपा शासित राज्यों में यह प्रक्रिया चल रही है, जहां भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस पूरी कवायद पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं और आयोग से शिकायत दर्ज कराई है।
आम आदमी पार्टी (AAP) शासित पंजाब में, जहां अगले कुछ महीनों में विधानसभा चुनाव होने हैं, भाजपा ने भगवंत मान सरकार पर एसआईआर की आड़ में सरकारी योजनाओं का प्रचार करने और अवैध रूप से डेटा एकत्र करने का आरोप लगाया है।
भाजपा के प्रदेश नेता केवल सिंह ढिल्लों ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर दावा किया है कि चुनावी ड्यूटी पर तैनात अधिकारी वोटरों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
इसके साथ ही, बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) द्वारा किरायेदार मतदाताओं से पंजीकृत किरायानामा या मकान मालिक का शपथपत्र जैसे गैर-अनिवार्य दस्तावेज मांगने का भी आरोप लगाया गया है। भाजपा ने आयोग से इस पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है।
दूसरी तरफ, कांग्रेस शासित कर्नाटक में भी मुख्य विपक्षी दल भाजपा और उसकी सहयोगी पार्टी जनता दल (सेकुलर) ने इस प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर धांधली का आरोप लगाया है।
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दोनों दलों का दावा है कि नियमों के मुताबिक अधिकारी घर-घर जाकर वेरिफिकेशन नहीं कर रहे हैं, बल्कि कम्युनिटी हॉल, मस्जिदों और बीएलओ के घरों पर बैठकर एन्यूमरेशन फॉर्म भराए जा रहे हैं।
इसके लिए बकायदा वॉट्सऐप ग्रुप बनाकर लोगों को बुलाने का भी आरोप है। केंद्रीय मंत्रियों प्रह्लाद जोशी, शोभा करंदलाजे और जेडीएस नेता एचडी कुमारस्वामी ने इस मामले में जांच की मांग की है।
प्रह्लाद जोशी ने इसे नियमों का खुला उल्लंघन बताया है, हालांकि राज्य के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने स्पष्ट किया है कि उनकी सरकार ने इस प्रक्रिया में कोई दखल नहीं दिया है।
इसी तरह, कांग्रेस शासित तेलंगाना में भी भाजपा ने एसआईआर प्रक्रिया में राज्य सरकार के हस्तक्षेप का आरोप लगाया है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एन. रामचंदर राव और नेता मारी शशिधर रेड्डी का कहना है कि अधिकारी वेरिफिकेशन के लिए घर-घर नहीं जा रहे हैं।
भाजपा ने आरोप लगाया कि हैदराबाद के पुराने शहर में बीएलओ मतदाताओं के घर जाने के बजाय एआईएमआईएम (AIMIM) नेताओं द्वारा लगाए गए कैंपों में भारी संख्या में फॉर्म बांट रहे हैं।
इसके अलावा, महेश्वरम विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में अवैध घुसपैठियों के नाम शामिल करने का भी दावा किया गया है। भाजपा और भारत राष्ट्र समिति (BRS) दोनों ने निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए एसआईआर की समय-सीमा को एक महीने आगे बढ़ाने की मांग की है।
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