CJP के इंडिया गेट मार्च से बढ़ी दिल्ली की टेंशन, अब तक नहीं मांगी गई अनुमति
नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी ने सरकार द्वारा वादे पुरे न करने का आरोप लागते हुए 5 सितंबर को दिल्ली के इंडिया गेट से पुलिस में मुख्यालय तक एक शांतिपूर्ण युवा मार्च निकलने का ऐलान किया है। इस घोषणा के बाद से पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
दिल्ली पुलिस का कहना है कि इस आयोजन के लिए अभी तक कोई आधिकारिक मंजूरी नहीं मांगी गई है। इसलिए सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए वे इस मार्च को इंडिया गेट के बजाय किसी अन्य तय प्रदर्शन स्थल पर आयोजित कराने का विकल्प दे सकती है।
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, इस आयोजन के लिए अभी तक कोई औपचारिक आवेदन नहीं मिला है, जबकि इंडिया गेट पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं है क्योंकि वहां धारा 163 लागू है और प्रदर्शन के लिए जंतर-मंतर जैसे निर्धारित स्थलों पर पूर्व अनुमति लेनी जरूरी होती है।
पुलिस का सख्त रुख, बिना अनुमति मार्च की इजाजत नहीं
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इंडिया गेट पर भीड़ जुटने से सुरक्षा और यातायात प्रभावित हो सकता है, इसलिए प्रशासन भीड़ के आकलन के आधार पर CJP को रामलीला मैदान या किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर प्रदर्शन करने का सुझाव देने की तैयारी कर रहा है।
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स्थिति से निपटने के लिए संसद मार्ग थाने की टीम ने CJP के प्रमुख नेताओं की जानकारी जुटाने के साथ सोशल मीडिया पर पैनी नजर रखनी शुरू कर दी है, ताकि दूसरे राज्यों से आने वाले समर्थकों का अनुमान लगाया जा सके।
इसके अलावा, नई दिल्ली जिले के वरिष्ठ अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बैठकें की हैं और जरूरत पड़ने पर CRPF के साथ अर्धसैनिक बलों की कंपनियों को भी तैनात करने की तैयारी है, हालांकि अभी ITBP को बुलाने के लिए कोई औपचारिक पत्र नहीं भेजा गया है।
इस मार्च की अहमियत इसलिए ज्यादा है क्योंकि यह पूरी तरह छात्रों और युवाओं के मुद्दों पर आधरित है। इसमें NEET परीक्षा देने वाले छात्रों के परिवारों और पहले हुई पुलिस कार्रवाई से पीड़ित लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। इस वजह से इस प्रदर्शन का राजनीतिक और सामाजिक असर काफी बड़ा हो सकता है।
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