हिम्मत है तो मुल्ला-मौलवियों के सामने घुटने टेकना छोड़ मथुरा पर खुलकर बोलें’- सीएम योगी

हिम्मत है तो मुल्ला-मौलवियों के सामने घुटने टेकना छोड़ मथुरा पर खुलकर बोलें’- सीएम योगी

हाथरस। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाथरस के सलेमपुर औद्योगिक क्षेत्र में करोड़ों रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात देते हुए समाजवादी पार्टी (सपा) और उसके मुखिया अखिलेश यादव पर अब तक का सबसे तीखा राजनीतिक हमला बोला है।

अयोध्या और मथुरा को लेकर छिड़ी इस नई सियासी जंग में सीएम योगी ने सपा के इतिहास को याद दिलाते हुए अखिलेश यादव को ‘तुष्टिकरण की राजनीति’ का प्रतीक करार दिया।

मुख्यमंत्री ने साफ़ शब्दों में कहा कि जिन लोगों ने राम भक्तों पर गोलियां चलवाईं, आज अयोध्या का वैभव देखकर उनके मुंह में पानी आ रहा है। उन्होंने अखिलेश यादव को चुनौती दी कि अगर वे सचमुच खुद को धार्मिक साबित करना चाहते हैं, तो मथुरा-वृंदानव और भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि की मुक्ति पर अपना स्टैंड साफ करें।

“राम भक्तों पर गोली चलाने वालों के मुंह में आ रहा पानी”

हाथरस में जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अखिलेश यादव के उस हालिया बयान पर पलटवार किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि सपा सरकार आने पर अयोध्या को धार्मिक नगरी बनाया जाएगा।

अखिलेश यादव पर सीधा निशाना साधते हुए सीएम योगी ने कहा,”मैं कल सपा के अध्यक्ष अखिलेश यादव का एक बयान पढ़ रहा था। वे कह रहे थे कि उनकी सरकार आएगी तो अयोध्या को धार्मिक नगरी बनाएगी। आप क्या धार्मिक नगरी बनाएंगे? राम भक्तों पर गोली आपकी ही सरकार ने चलाई थी… सपा की सरकार ने। आज जब अयोध्या (भव्य राम मंदिर बनने के बाद) त्रेतायुग का स्मरण करा रही है, तो आपके मुंह में भी पानी आने लग गया है।”

सीएम योगी ने आगे कहा कि अखिलेश यादव को अयोध्या की चिंता छोड़ एक बार वहां जाकर रामलला के दर्शन करने चाहिए और पश्चाताप करना चाहिए, ताकि उन्हें सद्बुद्धि आए।

“मुल्ला-मौलवियों के आगे घुटने टेकने के सिवाय कोई एजेंडा नहीं”

मुख्यमंत्री ने चुनौती का दायरा बढ़ाते हुए श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सपा में इतनी हिम्मत नहीं है कि वह बहुसंख्यक समाज की आस्था का सम्मान कर सके क्योंकि उनका पूरा राजनीतिक एजेंडा एक खास वर्ग के इर्द-गिर्द घूमता है।

अखिलेश यादव को ललकारते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा,”अब अयोध्या को भूल जाइए और मथुरा की बात करिए। अगर सचमुच अपने आप को धार्मिक कहलाने का प्रयास कर रहे हैं, तो मथुरा-वृंदावन पर खुलकर बोलिए। बोलिए कि राम जन्मभूमि आंदोलन की तर्ज पर श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति का भी अभियान चलना चाहिए। भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि को भी सम्मान मिलना चाहिए… लेकिन आप में हिम्मत नहीं है। मुल्ला और मौलवियों के सामने घुटने टेकने के सिवाय आपके पास कोई एजेंडा नहीं है जो प्रदेश के विकास के लिए हो या अयोध्या, मथुरा, काशी की पहचान के लिए हो।”

कब्रिस्तान बनाम मंदिर: विकास के मॉडल पर घेरा

सीएम योगी ने हाथरस में हुए विकास कार्यों की तुलना पिछली सपा सरकार के कार्यकाल से की। उन्होंने जनता को याद दिलाया कि कैसे पहले थानों और जेलों में कृष्ण जन्माष्टमी मनाने पर रोक लगा दी जाती थी और कांवड़ यात्राओं पर प्रतिबंध रहता था।

सीएम योगी ने कहा कि हाथरस में भाजपा सरकार के आने के बाद 22 से अधिक ऐतिहासिक मंदिरों का सुंदरीकरण और जीर्णोद्धार कराया गया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “सपा के समय में जनता का पैसा कब्रिस्तान की बाउंड्रीवॉल के लिए जाता था, लेकिन हमारी सरकार ने उसी पैसे को डायवर्ट कर आस्था के केंद्रों (मंदिरों) की तरफ भेजा है, क्योंकि प्रदेश को कब्रिस्तान की नहीं, विकास और सांस्कृतिक गौरव की आवश्यकता है।”


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Raja Zaid

"राजा ज़ैद एक जाने-माने पत्रकार हैं। उन्हें देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ राजनीति और सामायिक विषयो की कवरेज का 15 वर्षो से अधिक का अनुभव है।