जेपी नड्डा से मिला सीजेपी का प्रतिनिधिमंडल, सरकार के सामने रखीं तीन बड़ी मांगे
नीट-यूजी पेपर लीक को लेकर हुई बातचीत में सीजेपी ने सोनम वांगचुक की रिहाई, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और पीड़ित परिवारों के मुआवजे की मांग रखी, जिस पर सरकार ने विचार करने के लिए समय मांगा है
नई दिल्ली: नीट-यूजी पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली में जारी विरोध प्रदर्शन के बीच सोमवार को सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच पहली औपचारिक बातचीत संपन्न हुई।
इस दौरान कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात कर अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा। यह बैठक ऐसे समय हुई जब बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी संसद की ओर मार्च कर रहे थे।
बैठक के बाद जेपी नड्डा ने बताया कि बातचीत सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई। उन्होंने जानकारी दी कि सुबह करीब 11:50 बजे बातचीत शुरू हुई, जिसके बाद शाम को प्रतिनिधिमंडल ने अपनी लिखित याचिका सौंपी। उन्होंने सभी प्रदर्शनकारियों से अपना धरना समाप्त कर प्रशासन का सहयोग करने की अपील की।
इसे भी पढ़ें: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी शिक्षा सेवा चयन आयोग के अधिकारियों को किया तलब
दूसरी ओर, सीजेपी के प्रतिनिधिमंडल में शामिल प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका ने स्पष्ट किया कि अभी तक सरकार की ओर से उनकी किसी भी मांग पर कोई अंतिम आश्वासन नहीं मिला है।
संगठन ने सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखी हैं, जिनमें सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की तत्काल रिहाई, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, और कथित तौर पर आत्महत्या करने वाले नीट अभ्यर्थियों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा देना शामिल है।
संगठन का कहना है कि वर्ष 2026 के नीट-यूजी पेपर लीक और परीक्षा विवादों के लिए शिक्षा मंत्रालय पूरी तरह जवाबदेह है। रांका ने बताया कि जेपी नड्डा ने इन मांगों पर सरकार के शीर्ष नेतृत्व से चर्चा करने के लिए समय मांगा है।
Discover more from
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
