अमित शाह पर टिप्पणी: अभिषेक बनर्जी को कोलकाता हाईकोर्ट से बड़ी राहत
कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी को कोलकाता हाईकोर्ट से बड़ी कानूनी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने एक अंतरिम आदेश जारी करते हुए पुलिस को निर्देश दिया है कि वह आगामी 31 जुलाई तक अभिषेक बनर्जी के खिलाफ कोई भी दंडात्मक या दमनकारी कार्रवाई न करे।
यह मामला लोकसभा/विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक और भड़काऊ टिप्पणी करने से जुड़ा हुआ है।
अभिषेक बनर्जी ने अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर (FIR) को रद्द कराने के लिए कोलकाता हाईकोर्ट का रुख किया था। इस याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस सौगत भट्टाचार्य की एकल पीठ ने गुरुवार (21 मई) को उन्हें यह अंतरिम संरक्षण प्रदान किया। कोर्ट के इस फैसले के बाद अब 31 जुलाई तक पुलिस अभिषेक बनर्जी को न तो गिरफ्तार कर सकती है और न ही उनके खिलाफ कोई कठोर कदम उठा सकती है।
क्या है पूरा विवाद?
यह पूरा मामला एक चुनावी रैली के दौरान दिए गए भाषण से जुड़ा है। आरोप है कि अभिषेक बनर्जी ने अपनी जनसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लेकर तीखे और कथित रूप से भड़काऊ बयान दिए थे।
दर्ज हुई थी FIR: सामाजिक कार्यकर्ता राजीव सरकार की शिकायत पर विधाननगर नॉर्थ साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में अभिषेक बनर्जी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।
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लगाई गई थीं ये धाराएं:
भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196 (नफरत और दुश्मनी को बढ़ावा देना), धारा 351 (आपराधिक धमकी) और धारा 353(1)(c) (नफरत फैलाने के लिए झूठी सूचना प्रसारित करना) के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके अलावा जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 123(2) और 125 भी लगाई गई थी। इनमें से धारा 196 गैर-जमानती है, जिसमें 3 साल तक की सजा का प्रावधान है।
अभिषेक बनर्जी के वकीलों ने कोर्ट में दलील दी कि यह मामला पूरी तरह से राजनीतिक द्वेष से प्रेरित है और भाषण को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है, जिसके बाद कोर्ट ने उन्हें राहत दी।
पिछले कुछ दिनों से अभिषेक बनर्जी की मुश्किलें लगातार बढ़ती दिख रही थीं। एक तरफ जहां इस एफआईआर के कारण उन पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही थी, वहीं दूसरी तरफ कोलकाता नगर निगम (KMC) ने भी उनकी और उनके करीबियों से जुड़ी कई संपत्तियों को लेकर नोटिस जारी किया था। ऐसे में हाईकोर्ट का यह फैसला टीएमसी और अभिषेक बनर्जी के लिए एक बड़ी संजीवनी साबित हुआ है।
अब इस मामले की अगली सुनवाई जुलाई के अंत में होगी, तब तक के लिए अभिषेक बनर्जी को पुलिसिया कार्रवाई से पूरी तरह सुरक्षा मिल गई है।
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