चुनावी हलफनामे में जानकारी छिपाने का आरोप, मल्लिकार्जुन खरगे के खिलाफ शिकायत दर्ज
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के खिलाफ राज्यसभा चुनाव के नामांकन में जरूरी जानकारी छिपाने की शिकायत दर्ज की गई है। इसी तरह के एक मामले में, मध्य प्रदेश में कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन का नामांकन भी जानकारी छिपाने की वजह से खारिज हो चुका है।
नई दिल्ली: मीनाक्षी नटराजन का मध्य प्रदेश से राज्यसभा नामांकन रद्द होने के बाद अब कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की मुश्किलें भी बढ़ती दिख रही हैं।
कर्नाटक विधानसभा सचिवालय में सोशल एक्टिविस्ट दिनेश कल्लाहल्ली ने शिकायत दर्ज कराई है कि खरगे ने 5 जून को दाखिल अपने चुनावी हलफनामे में सिद्धार्थ विहार ट्रस्ट के साथ अपने संबंधों की अनिवार्य जानकारी छिपाई है।
शिकायतकर्ता के अनुसार, वित्तीय स्थिति, संगठन के पदों और ट्रस्टों से जुड़े विवरणों को छिपाना जनप्रतिनिधित्व कानून का उल्लंघन है।
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कांग्रेस के लिए यह स्थिति बेहद चिंताजनक है क्योंकि मध्य प्रदेश में भी जानकारी छिपाने के आरोप में मीनाक्षी नटराजन की उम्मीदवारी खारिज हो चुकी है, जिसका सीधा फायदा बीजेपी को मिला और उनके प्रत्याशी निर्विरोध चुन लिए गए।
अगर खरगे के नामांकन में भी कोई बड़ी गड़बड़ी पाई जाती है, तो उन्हें गंभीर कानूनी संकट का सामना करना पड़ सकता है।
वैसे कर्नाटक में राज्यसभा की 4 सीटों के लिए चुनाव हो रहे हैं और विधानसभा के संख्या बल के हिसाब से सभी उम्मीदवारों के निर्विरोध जीतने की पूरी संभावना है। इनमें कांग्रेस की तरफ से मल्लिकार्जुन खरगे,पवन खेड़ा और मंसूर अली खान मैदान में हैं, जबकि बीजेपी से प्रोफेसर एम नागराजा उम्मीदवार हैं। लेकिन इस शिकायत के बाद कांग्रेस नेतृत्व की टेंशन जरूर बढ़ गई है।
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