कनॉट प्लेस तिरंगा मार्च: अभिजीत दिपके को पुलिस नोटिस और पाबंदियां
नई दिल्ली: कनॉट प्लेस में प्रस्तावित ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च को लेकर दिल्ली पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके को उनके आवास पर औपचारिक नोटिस थमाया है।
पुलिस ने इलाके में बीएनएसएस (BNSS) की धारा 163 के तहत लागू निषेधाज्ञा और एनडीएमसी (NDMC) द्वारा सेंट्रल पार्क बंद किए जाने का हवाला देते हुए उन्हें मार्च न करने की सख्त चेतावनी दी है, जबकि दिपके अपने इस आह्वान पर कायम हैं कि वे राष्ट्रीय ध्वज के साथ शांतिपूर्ण तरीके से पहुंचेंगे।
प्रस्तावित मार्च के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए नई दिल्ली इलाके में दिल्ली पुलिस के 6,000 से अधिक जवान और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) की 220 कंपनियां (लगभग 22,000 जवान) तैनात की गई हैं।
कनॉट प्लेस प्रदर्शन और मतदाता सूची विवाद
पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत लागू निषेधाज्ञा का हवाला देते हुए इस मार्च की अनुमति देने से इनकार कर दिया है, जिसके तहत कनॉट प्लेस और आसपास के इलाकों में सामूहिक रूप से जुटने पर पूरी तरह रोक है।
हालांकि, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के एक सीमित समूह को किसी वैकल्पिक स्थान पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने की व्यवस्था का प्रस्ताव दिया है, जबकि नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) ने प्रशासनिक कारणों से शुक्रवार और शनिवार को सेंट्रल पार्क बंद रखने की घोषणा की है।
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दूसरी ओर, CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने सरकार पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का बचाव करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि ज्ञानेश कुमार की अध्यक्षता में मतदाता सूचियों के दोषपूर्ण एसआईआर के जरिए 13 करोड़ से अधिक (लगभग 14 फीसदी) मतदाताओं के नाम हटाए गए, जो कि 2024 के चुनाव में जीत के मात्र 2 फीसदी के अंतर को देखते हुए सीधे तौर पर एक बड़ी गड़बड़ी की ओर इशारा करता है।
इसके साथ ही दिपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर यह दावा भी किया कि उन्हें लगातार अंडरकवर पुलिसकर्मियों और एक सफेद स्कॉर्पियो द्वारा ट्रैक व सर्विलांस पर रखा जा रहा है।
त्योहारी बाजार में खलल और व्यापारिक नुकसान की आशंका जताते हुए दुकानदारों ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है, जिस पर 26 अक्तूबर को सुनवाई तय करते हुए अदालत ने फिलहाल किसी भी तरह की तत्काल रोक लगाने से मना कर दिया है।
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