अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए चीन पर करीब 22 करोड़ अमेरिकी मतदाताओं का डेटा चुराने का गंभीर आरोप लगाया है
नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने देश को संबोधित करते हुए चीन पर एक बहुत बड़ा और गंभीर आरोप लगाया है।
ट्रंप का दावा है कि चीन ने करीब 22 करोड़ अमेरिकी मतदाताओं का बेहद संवेदनशील डेटा चुरा लिया है।
इस बड़े खुलासे के बाद अमेरिका की राजनीति और वैश्विक स्तर पर हड़कंप मच गया है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने संबोधन के दौरान देश की प्रमुख खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों, फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) और सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी (CIA) की भूमिका और उनकी कार्यप्रणाली को लेकर भी कई महत्वपूर्ण बातें कहीं।
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने लाइव भाषण में इस डेटा चोरी को अमेरिकी संप्रभुता और चुनावी प्रक्रिया पर एक सीधा हमला करार दिया है।
उन्होंने खुफिया एजेंसियों को इस मामले में तुरंत और सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं, साथ ही सुरक्षा तंत्र में मौजूद कमियों को दूर करने की बात कही है।
राष्ट्रपति के इस आक्रामक बयान के बाद अब सभी की नजरें सुरक्षा एजेंसियों और इस मामले पर चीन की आधिकारिक प्रतिक्रिया पर टिकी हुई हैं।
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मुस्कान आसिफ़ (ZH7TV) एक अनुभवी और रचनात्मक कंटेंट, डायनेमिक डिजिटल एडिटोरियल प्रोफेशनल पत्रकार हैं। जो बड़ी और असरदार खबरों का सटीक विश्लेषण करने में माहिर हैं। वे अपने नेटवर्क की पहुँच बढ़ाने के लिए बेहद आकर्षक वीडियो, टेक्स्ट और इंटरैक्टिव डिजिटल कंटेंट तैयार करती हैं।