महाराष्ट्र में जज के इस्तीफे के बाद UCC पर बहस, कांग्रेस ने उठाए गंभीर सवाल
महाराष्ट्र: समान नागरिक संहिता का ड्राफ्ट बनाने वाली समिति से एक रिटायर्ड जज (जस्टिस आर.सी.चव्हाण) के हटने के बाद राज्य में राजनीतिक बहस काफी गर्म हो गई है, और इस मामले पर विपक्षी दल कांग्रेस ने कड़ा रुख अपनाया है।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि सरकार बुनियादी समस्याओं और असली मुद्दों को सुलझाने के बजाय जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है।
उनका आरोप है कि समाज में दूरियां बढ़ाने और राजनीतिक फायदा उठाने के लिए UCC को एक राजनीतिक औजार की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है।
जयराम रमेश ने सोशल मीडिया एक्स पर कहा
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक विस्तृत पोस्ट साझा करते हुए पैनल के कामकाज और इसके औचित्य पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में यूसीसी का ड्राफ्ट तैयार करने वाली समिति से पूर्व जज का इस्तीफा कई बड़े और गंभीर सवाल खड़े करता है, साथ ही उन्होंने इस पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता और मंशा पर भी चिंता जताई है।
जयराम रमेश ने संविधान सभा का हवाला देते हुए सवाल किया कि क्या कभी ऐसी स्थिति की कल्पना की गई थी कि देश का हर राज्य अपना अलग-अलग यूसीसी कानून बनाएगा? उन्होंने स्पष्ट किया कि संविधान निर्माताओं ने इसकी कभी कल्पना नहीं की थी।
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उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले तीन वर्षों में बीजेपी शासित राज्यों द्वारा जल्दबाजी में अलग-अलग यूसीसी विधेयक जबरन पारित कराए गए हैं, जिनमें उत्तराखंड, गुजरात, असम और मध्य प्रदेश शामिल हैं।
कांग्रेस नेता ने बताया कि इन विभिन्न राज्यों द्वारा लाए गए यूसीसी के प्रावधान, दंड और प्रक्रियाएं एक-दूसरे से पूरी तरह अलग हैं और इनमें कई महत्वपूर्ण छूट भी दी गई हैं।
उन्होंने दावा किया कि उत्तराखंड में लागू एकमात्र यूसीसी भी कई पुरानी पितृसत्तात्मक परंपराओं को बढ़ावा दे रहा है और वहां के आम नागरिकों के लिए कानूनी परेशानियां खड़ी कर रहा है।
कांग्रेस नेता जयराम रमेश का कहना है की सरकार साल 2029 के चुनाव से पहले सभी NDA राज्यों में UCC लागू करना चाहती है, जो यह दिखाता है कि वह अपने सहयोगी दलों की बात भी नहीं सुन रही है।
उनका आरोप है कि सरकार के लिए यह कोई कानूनी सुधार नहीं है, बल्कि समाज में दूरियां बढ़ाने, लोगों में डर पैदा करने और असली समस्याओं से जनता का ध्यान भटकाने की एक राजनीतिक कोशिश है।
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