विवादित बयान पर संजय राउत के खिलाफ दिल्ली पुलिस में शिकायत
नई दिल्ली: शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत की एक सोशल मीडिया पोस्ट पर कानूनी विवाद शुरू हो गया है। राउत ने अल्बानिया में प्रदर्शनकारियों द्वारा वहाँ की सुप्रीम कोर्ट को आग लगाने का वीडियो साझा करते हुए भारत को इससे सीख लेने की बात कही थी।
इस टिप्पणी को न्यायपालिका के लिए खतरा बताते हुए वकील विनीत जिंदल ने दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज कराकर एफआईआर की मांग की है। शिकायत में आरोप है कि सांसद का यह बयान देश की संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ हिंसा और अराजकता को बढ़ावा देने की एक सोची-समझी कोशिश है।
संजय राउत के ‘अल्बानिया’ वाले बयान पर बढ़ा विवाद
विनीत जिंदल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर दिल्ली पुलिस कमिश्नर और आईएफएसओ के ज्वाइंट कमिश्नर से संजय राउत के खिलाफ बीएनएस तथा आईटी अधिनियम के तहत कार्रवाई की मांग की है, क्योंकि राउत ने अल्बानिया में प्रदर्शनकारियों द्वारा सुप्रीम कोर्ट को जलाए जाने की घटना का जिक्र करते हुए लिखा था कि भारत सहित अन्य देशों को इससे सबक लेना चाहिए।
इसे भी पढ़ें: राहुल गांधी ने जताया खेद, कोर्ट से कहा उनका बयान शिवराज सिंह के परिवार की मानहानि नहीं
इस पर जिंदल ने संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ हिंसा को बढ़ावा देने और न्यायिक गरिमा को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया है, जबकि इस विवादित बयान के बाद बीजेपी नेताओं ने इसे देश में अराजकता फैलाने की कोशिश बताया और राउत की ही पार्टी की सहयोगी प्रियंका चतुर्वेदी ने भी असहमति जताते हुए कहा कि भारत को किसी अन्य देश से ऐसा हिंसक सबक सीखने की कोई आवश्यकता नहीं है।
शिवसेना (यूबीटी) की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने अपनी ही पार्टी के सांसद के बयान से किनारा करते हुए कहा है कि आम लोगों का कानून अपने हाथ में लेना और संसद या सुप्रीम कोर्ट जैसी संस्थाओं को नुकसान पहुँचाना बिल्कुल गलत है। उन्होंने इस मामले की तुलना बांग्लादेश के हिंसक प्रदर्शनों से करने पर भी सवाल उठाए। उनका साफ़ तौर पर मानना है कि एक मजबूत लोकतंत्र में हिंसक तरीकों से सत्ता बदलने की सोच के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए।
Discover more from
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
