दिल्ली आंदोलन: हिरासत की कार्यवाई पर भड़की सीजेपी, पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
नई दिल्ली: दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चल रहे प्रदर्शन को लेकर सियासत काफी तेज हो गई है।
सीजेपी (CJP) कार्यकर्ता अभिजीत दिपके और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की कार्यकर्ता नेहा बोरा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया है कि दिल्ली में पिछले 10-15 दिनों से शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों, युवाओं और राहुल गांधी, ममता बनर्जी, अरविंद केजरीवाल व पिनाराई विजयन जैसे विपक्षी नेताओं के खिलाफ पुलिसिया कार्रवाई केवल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए की जा रही है।
सुरक्षा बलों और मेट्रो बंदी पर गंभीर आरोप
उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन दबाने के लिए पहली बार रेलवे सेवाएं और मेट्रो स्टेशन बंद किए गए तथा जम्मू-कश्मीर से सुरक्षा बल बुलाए गए, वहीं नेहा बोरा ने आरोप लगाया कि कवरेज कर रहे पत्रकारों को कई घंटों तक हिरासत में रखा गया, कैमरे छीने गए और एक महिला पत्रकार द्वारा यौन उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराने पर पुलिस ने उसी के खिलाफ जवाबी प्राथमिकी (काउंटर FIR) दर्ज कर दी, हालांकि इन आरोपों पर फिलहाल पुलिस या संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने नहीं आया है।
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मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विरोध को आगे बढ़ाते हुए सीजेपी और अन्य गुटों ने शनिवार को दिल्ली के कनॉट प्लेस में तिरंगा लेकर जुटने की अपील की है। इस प्रदर्शन को आम आदमी पार्टी ने भी अपना पूरा समर्थन दिया है। जिससे आने वाले दिनों में राजधानी की सियासी हलचल और बढ़ने के आसार है।
इस प्रदर्शन को आंदोलन का अगला अहम् हिस्सा माना जा रहा है। हालाँकि प्रदर्शन के दौरान लोगो को पकडे जाने, मेट्रो-ट्रेन सेवाओं में रुकावट आने और मीडियाकर्मियों के साथ हुई बदसलूकी के आरोपों पर प्रशासन की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक बयान या सफाई नहीं आई है।
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