पैन कार्ड विवाद: आजम खान , अब्दुल्ला की पुनर्विचार याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट का निर्णय सुरक्षित
लखनऊ: समाजवादी पार्टी के पूर्व मंत्री मोहम्मद आजम खान के बेटे अब्दुल्ला आजम खान के दो पैन कार्ड मामले में आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला की पुनर्विचार याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सुनवाई पूरी कर ली है। जस्टिस समित गोपाल की पीठ ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।
आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान की सजा को चुनौती देने वाली आपराधिक पुनरीक्षण याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए अदालत ने राज्य सरकार की उस याचिका पर भी जवाब मांगा है, जिसमें दोनों की सजा को बढ़ाकर उम्रकैद में बदलने की मांग की गई है। इस मामले में कोर्ट ने दोनों पक्षों को जवाब दाखिल करने के लिए तीन हफ्ते का समय दिया है।
अदालत में आजम खान की ओर से कहा गया कि वह जेल में काफी समय बिता चुके हैं और उन्हें भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 120बी के तहत आपराधिक साजिश के झूठे मामले में फंसाया गया है, क्योंकि उनकी संलिप्तता का कोई भी सबूत नहीं है।
गौरतलब है कि आजम खान को अपनी दोषसिद्धि और दस साल की सजा के खिलाफ तथा उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को सात साल की सजा के खिलाफ अलग-अलग पुनरीक्षण याचिकाएं दायर की गई हैं।
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रामपुर कोर्ट ने सजा बढ़ाकर कर दी 10 साल
रामपुर की कोर्ट ने आजम खान की सजा सात साल से बढ़ा दी थी और यह बढ़ाकर 10 साल कर दी थी। वहीं, राज्य सरकार की ओर से आजम खान और उनके बेटे दोनों की सजा बढ़ाने की मांग की गई है और कोर्ट में याचिका दाखिल की है। सरकार ने सजा को आजीवन कारावास में बदलने की मांग की है।
दिसंबर 2019 में भाजपा नेता आकाश सक्सेना द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, अब्दुल्ला आजम के पास चुनाव लड़ने के लिए दो अलग-अलग जन्मतिथि (1 जनवरी 1993 और 30 सितंबर 1990) वाले दो पैन कार्ड होने का आरोप है।
इसी मामले में हाईकोर्ट ने 25 सितंबर को सपा नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था, और फिलहाल हाईकोर्ट इन तीनों याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई कर रहा है।
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