राज्यसभा में बदलेंगे समीकरण: क्या बीजेपी के लिए पास होंगे महिला आरक्षण और परिसीमन बिल
राज्यसभा में रिकॉर्ड सदस्यों के साथ मानसून सत्र में उतरेगी बीजेपी, महिला आरक्षण और परिसीमन समेत कई महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराने की तैयारी
नई दिल्ली: आगामी 20 जुलाई से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) राज्यसभा में अपने रिकॉर्ड 117 सदस्यों की अभूतपूर्व ताकत के साथ उतरेगी।
सदस्यों की यह संख्या बीजेपी को उच्च सदन में साधारण बहुमत के बेहद करीब ले जाती है। वहीं, अगर सहयोगी दलों को भी शामिल कर लिया जाए, तो राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सदस्यों का आंकड़ा 153 तक पहुंच रहा है।
इस मजबूत स्थिति के कारण सरकार के लिए महिला आरक्षण और अन्य महत्वपूर्ण संविधान संशोधन विधेयकों को संसद से पारित कराना काफी आसान होने की उम्मीद है।
इस आगामी सत्र में सरकार जिन प्रमुख और दूरगामी असर वाले विधेयकों को पारित कराने की पूरी कोशिश करेगी, उनमें महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़ा संविधान संशोधन विधेयक सबसे खास है।
इस बेहद महत्वपूर्ण बिल के तहत लोकसभा और विभिन्न राज्यों की विधानसभाओं की सीटों को 50 प्रतिशत तक बढ़ाने का प्रावधान शामिल किया जा सकता है।
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इसके अलावा, एक और बड़ा विधेयक चर्चा में है जिसके तहत 30 दिन से अधिक की जेल की सजा होने पर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या मंत्रियों की कुर्सी छिनने का प्रावधान किया गया है।
इस संविधान संशोधन विधेयक पर गठित संयुक्त संसदीय समिति (JPC) अपनी रिपोर्ट जल्द ही सौंपने वाली है।
इन ऐतिहासिक संशोधनों के साथ-साथ सरकार कई अन्य महत्वपूर्ण विधेयकों को भी आगामी सत्र में पेश करने और पारित कराने की रणनीति बना रही है।
इनमें विदेशी अंशदान नियमन अधिनियम (FCRA) बिल, विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान बिल और एंटी डोपिंग बिल शामिल हैं।
इनके अलावा सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने के लिए पहले लाए गए अध्यादेश की जगह लेने वाला विधेयक, कोड ऑन वेजेस सेंट्रल रूल्स, कॉर्पोरेट लॉ और सिक्यूरिटीज मार्केट कोड जैसे अहम व्यापारिक व कानूनी विधेयक भी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल हैं, जिन्हें इस मानसून सत्र में पटल पर रखने की पूरी तैयारी कर ली गई है।
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