सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत पर चिंता; सीजेपी ने 20 जुलाई को किया संसद मार्च का ऐलान
जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक के बिगड़ते स्वास्थ्य के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके का दिल्ली पुलिस अधिकारी के सामने हाथ जोड़ने और पैर पकड़ने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जबकि पार्टी ने 20 जुलाई को संसद मार्च का एलान किया है
नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (ट्विटर) हैंडल पर एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें वे दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी के आगे हाथ जोड़ते और पैर पकड़ते हुए नजर आ रहे हैं।
यह घटना दिल्ली के जंतर-मंतर पर लद्दाख की मांगों को लेकर चल रहे आंदोलन से जुड़ी है। जंतर-मंतर पर बीते 28 जून से भूख हड़ताल पर बैठे पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की सेहत लगातार बिगड़ती जा रही है।
सीजेपी की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, अनशन के कारण अब तक उनका वजन 8.2 किलो घट चुका है और डॉक्टरों की टीम लगातार उनके स्वास्थ्य की निगरानी कर रही है।
सोनम वांगचुक की नाजुक स्थिति को देखते हुए अभिजीत दीपके और महुआ मोइत्रा समेत कई प्रमुख नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उनसे अपना अनशन खत्म करने की भावुक अपील की है।
इस बीच, आंदोलनकारियों ने सरकार के खिलाफ अपने रुख को और कड़ा कर लिया है।
सीजेपी ने आगामी 20 जुलाई को संसद मार्च करने का बड़ा एलान किया है, जिसे इस पूरे आंदोलन का सबसे निर्णायक चरण माना जा रहा है।
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विशेष बात यह है कि इसी दिन संसद का मानसून सत्र भी शुरू होने जा रहा है, जिससे राजनीतिक सरगर्मी बढ़ना तय है।
20 जुलाई के इस प्रस्तावित मार्च को देखते हुए अब राजनीतिक गलियारों और आम जनता की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या सरकार समय रहते प्रदर्शनकारियों से बातचीत का रास्ता निकालेगी या फिर आने वाले दिनों में यह आंदोलन और ज्यादा उग्र रूप अख्तियार कर लेगा।
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अनशन कर रहे प्रसिद्ध पर्यावरणविद सोनम वांगचुक से अपना अनशन तोड़ने की अपील की है।
सोनम वांगचुक के बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोला।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की सरकार पूरी तरह से भ्रष्ट और संवेदनहीन है, जिसके लिए किसी भी व्यक्ति के जीवन का कोई मूल्य या महत्व नहीं है।
अखिलेश यादव ने वांगचुक के स्वास्थ्य को सर्वोपरि बताते हुए उनसे आंदोलन का कोई अन्य रास्ता चुनने या अनशन समाप्त करने का आग्रह किया है।
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