दिल्ली-NCR में फिर गूंजा किसान आंदोलन: तीन प्राधिकरणों का घेराव, टिकैत बोले- अब समझौता नहीं, समाधान चाहिए
नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर में अपनी पुरानी मांगो को लेकर किसानो का हल्लाबोल जारी है। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) की महापंचायत के बाद सैकड़ो किसान पैदल मार्च करते हुए सीधे यमुना प्राधिकरण के दफ्तर के बाहर पहुंच गए और वही अपना डेरा जमा लिया।
आंदोलनकारी का साफ़ कहना है की जब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होता वे धरना ख़त्म नहीं करेंगे। वही, भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने भी दोटूक शब्दों में कह दिया है की किसान अपने हक़ की लड़ाई में एक इंच भी पीछे नहीं हटेंगे।
मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा किसानों का धरना
जिले के सैकड़ों गांवों से महापंचायत में शामिल हुए हजारों किसानों, महिलाओं और युवाओं ने राकेश टिकैत के संबोधन के बाद अपनी लंबित मांगों को लेकर यमुना प्राधिकरण कार्यालय के सामने पैदल मार्च कर प्रदर्शन किया और पुलिस द्वारा रोके जाने पर सड़क पर बैठकर नारेबाजी की, जहाँ टिकैत ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी होने तक धरना जारी रहेगा क्योंकि प्राधिकरणों द्वारा बार-बार आश्वासन के बावजूद वादाखिलाफी की गई है।
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महापंचायत में किसानों ने 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजा, 10 प्रतिशत किसान कोटा प्लॉट, आबादी के लंबित मामलों का निस्तारण, खाद की कालाबाजारी पर रोक, नहरों में पानी, बढ़ी हुई बिजली दरों की वापसी, जेवर एयरपोर्ट में स्थानीय युवाओं को रोजगार और भूमिहीन किसानों के लिए 120 वर्ग मीटर के प्लॉट जैसी प्रमुख मांगें प्रमुखता से उठाईं।
किसान नेता राकेश टिकैत ने स्थानीय प्रशासन से किसानों के मुद्दों पर तुरंत और संजीदगी से विचार करने की मांग की है। भारतीय किसान यूनियन के अनुसार, सैकड़ो किसान अपनी मांगों के समर्थन में नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना विकास प्राधिकरण के दफ्तरों के घेराव पर जमे हुए है। किसान नेताओ ने चेतावनी भरे लहजे में कहा है की यदि सरकार या अधिकारियो ने जल्द ही कोई ठोस और सकारात्मक कदम नहीं उठाया, तो इस धरने को दिल्ली-एनसीआर के अन्य इलाको में भी फैलाकर एक बड़ा चक्का जाम आंदोलन शुरू किया जाएगा।
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