वित् मंत्री की युवाओ को नसीहत: देश से बढ़कर कुछ नहीं, ‘जेन जी’ और ‘जेन अल्फ़ा’ संभालें कमान
नई दिल्ली: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को नई पीढ़ी (जेन जी और जेन अल्फा) से देश के विकास की कमान अपने हाथो में लेने और हमेशा राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने की अपील की है। उन्होंने युवाओ को प्रेरित करते हुए कहा कि आने वाले समय में देश को आगे ले जाने की असली जिम्मेदारी उन्हीं के कंधो पर है। स्नातकों से कहा कि वे यह पूछने के बजाय कि देश ने उनके लिए क्या किया है, इस पर विचार करें कि वे देश के लिए क्या योगदान दे सकते हैं।
डॉ. एमजीआर एजुकेशनल एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट के 36वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश के युवाओं से जिम्मेदारी और नागरिक कर्तव्य की गहरी भावना के साथ आगे आने की अपील करते हुए कहा कि चाहे खुद को जेन जी कहें या जेन अल्फा, देश आपकी बात सुनने के लिए तैयार है।
राष्ट्रहित सर्वोपरि: युवाओं से देश न छोड़ने की अपील
बशर्ते आप अपने आसपास की घटनाओं और अपनी भूमिका पर विचार कर राष्ट्रीय हित को हमेशा सर्वोपरि रखें, और साथ ही मौजूदा वैश्विक संघर्षों के कारण कई देशों में लोगों के विस्थापित होने का हवाला देते हुए युवाओं से आग्रह किया कि वे अपने- क्षेत्रों में नेतृत्व की जिम्मेदारी संभालें और कभी भी अपने देश को न छोड़ें क्योंकि देश के सुरक्षित और मजबूत रहने पर ही हमारा अस्तित्व है।
रूस-यूक्रेन व मध्य पूर्व के संघर्षों के कारण कच्चे तेल, गैस और उर्वरकों की आपूर्ति प्रभावित होने जैसी वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत द्वारा 7.8 प्रतिशत की वृद्धि दर और व्यापक आर्थिक स्थिरता दर्ज करने का श्रेय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मजबूत राजनीतिक नेतृत्व को दिया है।
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तमिलनाडु का औद्योगिक विकास और कामकाजी महिलाओं को सौगात
और साथ ही तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर-ओरगडम गलियारे के वाहन विनिर्माण व स्मार्टफोन निर्यात का वैश्विक केंद्र बनने तथा राज्य में 350 ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जिनमें कोयंबटूर, मदुरै और तिरुचिरापल्ली भी शामिल हैं) होने का जिक्र करते हुए यह भी बताया कि बजट में विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित की शिक्षा लेने वाली महिलाओं को प्रोत्साहित करने के लिए हर जिले में कामकाजी महिलाओं के वास्ते छात्रावास स्थापित करने का प्रावधान किया गया है।
सीतारमण ने ‘तिरुक्कुरल’ के दोहों का जिक्र करते हुए शिक्षा की स्थायी संपत्ति और धैर्य के साथ सोच-समझकर कदम उठाने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने छात्रों को अहंकार से दूर रहने, विनम्रता बनाए रखने और खुद को पीड़ित मानने की भावना के बिना जीवन की चुनौतियों का सामना करने की सलाह दी।
समारोह में चिकित्सा, दंत चिकित्सा, इंजीनियरिंग, संबद्ध स्वास्थ्य विज्ञान, कानून और प्रबंधन जैसे विषयों के 3,200 से अधिक विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं। विश्वविद्यालय के संस्थापक-कुलपति एसी षणमुगम और तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन भी समारोह में मौजूद रहे।
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