BJP की जीत के बाद पश्चिम बंगाल की सड़को पर उतरे गुंडे, कई जगह तोडफ़ोड़- लूटपाट
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में चुनाव परिणाम आने के साथ ही असामाजिक तत्वों के झुण्ड सड़क पर गुंडागर्दी करते दिखाई दिए। हाथ में बीजेपी के झंडे लिए इन असामाजिक तत्वों ने न सिर्फ तृणमूल कांग्रेस के कई दफ्तरों को निशाना बनाया बल्कि कई अहम स्थानों पर तोड़फोड़ भी की। इतना ही नहीं असामाजिक तत्वों को महिलाओं से भी अभद्रता करते देखा गया।
बिजपुर विधानसभा क्षेत्र में TMC पार्टी के MLA सुबोध अधिकारी को हारने के बाद भीड़ ने उन्हें बेरहमी से पीटा। सुबोध अधिकारी काउंटिंग क्षेत्र के बाहर खड़े थे , सुबोध अधिकारी और उनके साथियो को पीटा गया।
इसके अलावा कई जगह तृणमूल कांग्रेस के काउंटिंग एजेंटो को भी निशाना बनाया गया। मतगणना खत्म होने के बाद घर जा रहे तृणमूल कांग्रेस के एजेंटो को घेर कर मारपीट किये जाने की कई घटनाएं सामने आयी हैं।
बीजेपी समर्थको के झुंड ने कोलकत्ता के भवानीपुर में एक पेट्रोल पम्प को भी निशाना बनाया और तोड़फोड़ की। इस दौरान सुरक्षाकर्मियों के अनुपस्थिति को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। सवाल उठ रहे हैं कि मतदान और मतगणना के दिन तैनात करीब ढाई लाख अर्ध सैनिक बल कहां गए ?
कोलकाता के टॉलीगंज, कस्बा और उपनगरीय इलाकों जैसे बारुईपुर, कमरहाटी और बारानगर में टीएमसी कार्यालयों में बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ की गई है। हावड़ा के डूमुरजला इलाके से भी ऐसी ही तस्वीरें सामने आई हैं, जहां पार्टी कार्यालय की खिड़कियां तोड़ी गईं और फर्नीचर सड़क पर फेंक दिया गया।
इसे भी पढ़ें: मेधावियों का मान: सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सत्यम यादव और ईशान शुक्ला को लैपटॉप देकर बढ़ाया उत्साह
उत्तर कोलकाता की मानिकतला सीट से टीएमसी उम्मीदवार श्रेया पांडे ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया है, जिसमें उनके चुनावी एजेंट को खून से लथपथ दिखाया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मतगणना खत्म होने के तुरंत बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनके एजेंट के साथ बेरहमी से मारपीट की।
इसके अलावा, सिलीगुड़ी में एक टीएमसी कार्यालय को आग के हवाले करने की खबरें भी आई हैं, जिसका वीडियो पार्टी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है। मुर्शिदाबाद में भी पार्टी कार्यालयों पर हिंसक हमलों की शिकायतें दर्ज की गई हैं। टीएमसी का कहना है कि सत्ता में आते ही भाजपा ने अपनी “असली रंग” दिखाना शुरू कर दिया है और यह लोकतंत्र के लिए एक काला दिन है।
दूसरी ओर, भाजपा नेतृत्व ने इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बल किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सक्रिय हैं। भाजपा नेताओं का तर्क है कि 2021 की तुलना में स्थिति बहुत बेहतर है, जब उनके कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया गया था।
हालांकि, जमीन पर तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए राज्य के संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) की तैनाती कर दी गई है। राज्यपाल और चुनाव आयोग ने भी प्रशासन को सख्त निर्देश दिए हैं कि विजय जुलूसों के दौरान किसी भी प्रकार की हिंसा या संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। फिलहाल राज्य के कई जिलों में डर और तनाव का माहौल बना हुआ है।
Discover more from
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
