संस्थाएं बिकीं, लोकतंत्र लूटा गया – असम-बंगाल की हार पर राहुल गांधी का तीखा प्रहार
नई दिल्ली: असम और बंगाल के चुनावी नतीजों के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी का गुस्सा फूट पड़ा है। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया और संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे ‘लोकतंत्र की चोरी’ करार दिया। राहुल ने सीधे तौर पर संकेत दिया कि विपक्षी दलों के लिए अब मैदान बराबरी का नहीं रह गया है।
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल और असम में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने चुनाव आयोग की मदद से चुनाव की चोरी की है। उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के इस दावे का समर्थन किया कि पश्चिम बंगाल में 100 सीट की लूट की गई है।
राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘बीजेपी द्वारा चुनाव आयोग के सहयोग से असम और बंगाल के चुनाव चोरी किए जाने के स्पष्ट मामले हैं। हम ममता जी से सहमत हैं। बंगाल में 100 से ज्यादा सीट चोरी हो गईं।
राहुल गांधी ने कहा, ‘हमने पहले भी यह तरकीब देखी है। कांग्रेस नेता ने दावा किया कि मध्य प्रदेश, हरियाणा और महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव और पिछले लोकसभा चुनाव में यह देखने को मिला था। उन्होंने कहा, ‘चुनाव चोरी, संस्था चोरी – अब और चारा ही क्या है।
पश्चिम बंगाल, असम और तमिलनाडु के विधानसभा चुनावों के नतीजे विपक्षी गठबंधन इंडिया के लिए बड़ा झटका है क्योंकि इसके दो प्रमुक क्षेत्रीय घटक टीएमसी और डीएमके के किले ध्वस्त हो गए, हालांकि केरल की जीत कांग्रेस के लिये उम्मीद की नई किरण लेकर आई है। केरल अब ऐसा चौथ राज्य होगा जहां कांग्रेस का मुख्यमंत्री होगा। कर्नाटक, तेलंगाना और हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की अपने दम पर सरकार है।
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इन चुनाव परिणामों का प्रभाव राष्ट्रीय राजनीति में व्यापक असर होगा और आगे इंडिया गठबंधन की एकजुटता का इम्तहान होगा। खासकर उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी (सपा) के सामने बीजेपी का मुकाबला करने की बड़ी चुनौती होगी। पश्चिम बंगाल के नतीजे न केवल टीएमसी के लिए, बल्कि पूरे विपक्षी गुट के लिए एक बड़ा झटका हैं।
कुछ दिन पहले ही, विपक्ष के एक दल आम आदमी पार्टी (आप) को उस वक्त झटका लगा था जब उसके सात राज्यसभा सदस्यों को बीजेपी का दामन थाम लिया। विपक्षी गठबंधन ने हाल ही में एकजुटता का परिचय उस वक्त दिया था जब लोकसभा में महिला आरक्षण एवं परिसीमन से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक को पारित नहीं हो सका। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है कि महिला आरक्षण का विरोध करने वालों को महिलाओं ने सबक सिखाया है।
कांग्रेस को अलग अलग राज्यों में हार के बाद केरल में मिली उसकी जीत उसके लिए राहत की बड़ी खबर है। पिछले लोकसभा चुनाव के बाद कांग्रेस को महाराष्ट्र, दिल्ली, हरियाणा और बिहार में चुनावी हार का सामना करना पड़ा था। असम में कांग्रेस को मिली करारी हार उसके लिए अच्छा संकेत नहीं है क्योंकि वह वहां पिछले 10 वर्षों से सत्ता से बाहर है।
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