गौरव भाटिया ने CJP नेताओं पर ठोका 2 करोड़ का केस
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट के बड़े वकील और भारतीय जनता पार्टी बीजेपी के प्रवक्ता राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने अपने खिलाफ सोशल मीडिया पर गलत जानकारी फैलाने वालों पर 2 करोड़ रुपये का मानहानि केस दर्ज कराया है।
यह मुकदमा उन्होंने ‘CJP’ नाम के एक संगठन के नेताओं सौरव दास, अभिजीत दिपके और आशुतोष रांका के खिलाफ किया है।
इन नेताओं पर आरोप है कि उन्होंने गौरव भाटिया की छवि खराब करने के लिए एआई (AI) से बनी फर्जी तस्वीरें और झूठे बयान सोशल मीडिया पर पोस्ट किए थे। इस मामले की सुनवाई आज बुधवार को दिल्ली हाई कोर्ट में होने जा रही है।
24 घंटे की चेतावनी के बाद उठाया कानूनी कदम
विवाद की शुरुआत सौरव दास द्वारा सोशल मीडिया (X) पर साझा किए गए एक फर्जी ग्राफिक पोस्ट से हुई थी।
इस पोस्टर में एक मीडिया संस्थान के नाम के साथ गौरव भाटिया की तस्वीर लगाकर एक फर्जी बयान छापा गया था, जिसमें भाटिया द्वारा हिंदूवादी इंफ्लूएंसर स्वतंत्र भारद्वाज को ‘दिमागी नक्सल’ और ‘जातिवादी’ कहे जाने का झूठा दावा किया गया था।
गौरव भाटिया ने इस मामले के बाद सौरव दास को चेतावनी दी थी कि वे 24 घंटे के भीतर अपनी पोस्ट हटाएं और बिना किसी शर्त के सार्वजनिक रूप से माफी मांगें।
सौरव दास ने डर के मारे पोस्ट तो सिर्फ 83 मिनट के भीतर ही डिलीट कर दी, लेकिन उन्होंने सबके सामने माफी मांगने से साफ इनकार कर दिया।
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इसी वजह से गौरव भाटिया ने उन पर झूठा प्रोपेगैंडा और नफरत फैलाने के आरोप में 2 करोड़ रुपये का मानहानि का केस दर्ज करा दिया।
“अदालत में झूठ के ताबूत में आखिरी कील ठोकी जाएगी”कानूनी कार्रवाई की जानकारी देते हुए गौरव भाटिया ने सोशल मीडिया पर बहुत कड़े शब्दों में अपनी बात रखी। उन्होंने साफ कहा कि अब यह मामला सोशल मीडिया की बहस से नहीं, बल्कि कानून के नियमों से तय होगा।
उन्होंने लिखा, ‘जब आरोप अपनी हदें पार करते हैं, तब कानून अपना काम करता है। अब न तो कोई सोशल मीडिया ट्रायल होगा और न ही बयानों की लड़ाई। सिर्फ तथ्य, सबूत और कानून का राज चलेगा। अदालत में हर ठोस दलील गूंजेगी और झूठ के ताबूत में आखिरी कील ठोकी जाएगी।’
फर्जी AI पोस्टर विवाद
सौरव दास ने सोशल मीडिया पर एक फर्जी पोस्टर शेयर किया था। उस पोस्टर में गौरव भाटिया के नाम से झूठा दावा किया गया था कि ‘स्वतंत्र भारद्वाज नामक युवा दिमागी नक्सली है और उसके अंदर जातिवादी जहर भरा हुआ है, भाजपा सरकार से उसका कोई लेना-देना नहीं है।
‘गौरव भाटिया ने इस पोस्टर को पूरी तरह फर्जी और एआई AI की मदद से बनाया गया एक षड्यंत्र साजिश बताया है। उन्होंने साफ कहा कि झूठी खबरें फैलाकर केवल पोस्ट डिलीट कर देने से कोई भी कानून से बच नहीं सकता इसके लिए सजा मिलना और जवाबदेही तय करना बहुत ज़रूरी है। अब इस मामले पर दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले का इंतजार है।
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