कोर्ट नहीं पहुंचे हेमंत सोरेन: अदालत ने सोमवार शाम 4 तक का दिया समय

कोर्ट नहीं पहुंचे हेमंत सोरेन: अदालत ने सोमवार शाम 4 तक का दिया समय

झारखंड: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ जमीन से जुड़े एक मामले में आज रांची की विशेष PMLA अदालत में आरोप तय होने थे। हालांकि, मुख्यमंत्री चुनाव और सरकारी कामों में व्यस्त होने की वजह से व्यक्तिगत रूप से कोर्ट नहीं पहुंच सके।

उनकी गैर-मौजूदगी के बाद उनके वकीलों ने अदालत से अगली तारीख देने की मांग की है, ताकि वे आने वाले समय में अपनी बात रख सकें।

कोर्ट का कड़ा रुख, सोमवार शाम 4 बजे तक पेश होने का आदेश

मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने सुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को सख्त निर्देश देते हुए सोमवार शाम 4:00 बजे तक अनिवार्य रूप से अदालत में पेश होने का आदेश दिया है, जिसके तहत उन्हें वर्चुअली या फिजिकली तौर पर अदालत के समक्ष हाजिर होना ही होगा।

यह पूरा मामला रांची के बड़गाईं इलाके में 8.86 एकड़ आदिवासी जमीन के कथित अवैध अधिग्रहण और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा हुआ है, जिसकी जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा की जा रही है और आरोप है कि राजस्व रिकॉर्ड में हेरफेर करके यह संपत्ति हासिल की गई थी।

पीएमएलए कोर्ट इससे पहले ही इस मामले के अन्य सह-आरोपियों के खिलाफ आरोप तय कर चुका है, लेकिन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की डिस्चार्ज याचिका खारिज होने और झारखंड हाईकोर्ट से किसी भी प्रकार की कानूनी राहत न मिलने के बाद अब उनके ऊपर आरोप तय करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।

अदालती कार्रवाई के बीच इस मुद्दे पर राजनीति भी पूरी तरह गरमा गई है। एक तरफ जहां मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के कानूनी सलाहकारों का कहना है कि उन्हें देश की न्याय प्रणाली पर पूरा भरोसा है और वे नियमों के तहत अपनी बात रख रहे है, वहीं दूसरी तरफ राज्य के विपक्षी दल इस पूरे मामले को लेकर सरकार को घेरने में जुटे है।

विपक्ष लगातार सोरेन सरकार की ईमानदारी पर सवाल उठा रहा है और इसे एक बड़ा चुनावी मुद्दा बनाने की कोशिश कर रहा है।


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Mehak B