यूपी में कैबिनेट मंत्री ने अपनी ही सरकार में कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल, धरना भी दिया

यूपी में कैबिनेट मंत्री ने अपनी ही सरकार में कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल, धरना भी दिया

उत्तर प्रदेश: गोंडा में सोशल मीडिया पोस्ट के विवाद के चलते बुधवार रात एक बर्तन व्यापारी, विनोद कुमार साहनी की हत्या कर दी गई। जब पुलिस ने इस मामले में ढिलाई बरती, तो उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद बृहस्पतिवार को लखनऊ में धरने पर बैठ गए। मंत्री के इस कड़े विरोध के बाद हरकद में आए पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

साथ ही, पीड़ित परिवार की शिकायत को समय पर न सुनने और लापरवाही बरतने के आरोप में परसपुर के थाना प्रभारी कमल शंकर, शाहपुर चौकी इंचार्ज अंकित सिंह और सिपाही अभिमन्यु भारती को नौकरी से सस्पेंड कर दिया गया है। सरकार ने इन तीनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ अंदरूनी जांच के आदेश भी दे दिए है।

दुकान बंद कर लौट रहे व्यापारी पर जानलेवा हमला, इलाज के दौरान मौत

रेक्सड़िया मल्लाहन पुरवा निवासी विनोद शाहपुर बाजार में बर्तन की दुकान चलाते थे। बुधवार रात करीब आठ बजे जब वह दुकान बंद करके बाइक से घर लौट रहे थे, तभी दुकान से कुछ दूर चार बाइकों पर सवार 10 लोगों ने उन्हें घेर लिया और कांता व भाला से हमला कर दिया।

हमलावर उन्हें मृत समझकर मौके से फरार हो गए। परिजन उन्हें तुरंत सीएचसी ले गए, जहां से मेडिकल कॉलेज और फिर हालत गंभीर होने पर लखनऊ रेफर कर दिया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

इलाज के दौरान ही विनोद ने तीन हमलावरों की पहचान कर ली थी और उनकी तहरीर पर बुधवार देर रात 10 लोगों के खिलाफ जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज किया गया था, जिसे व्यापारी की मौत के बाद हत्या की धारा में बदल दिया गया।

एसपी अभिषेक ने बताया कि सोशल मीडिया पर वर्ग विशेष के खिलाफ भड़काऊ पोस्ट को लेकर विवाद इस हत्या की मुख्य वजह बना, और आरोपी शुभम सिंह उर्फ गोलू, सुभाष सिंह तथा अंतिम सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है।

इस मर्डर के बाद राजनीति बहुत तेज़ हो गई है और कई बड़े नेता और पार्टियाँ विरोध में उतर आए है। अपनी पार्टी के कार्यकर्ता के साथ हुई इस घटना से नाराज होकर मत्स्य पालन मंत्री संजय निषाद लखनऊ में पोस्टमार्टम हाउस के बाहर ही समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गए, क्योंकि वे कार्रवाई और पोस्टमार्टम में देरी से बहुत गुस्से में थे,और निषाद पार्टी के कार्यकर्ताओं ने भी वहाँ जमकर प्रदर्शन किया।

पूर्व मंत्री योगेश प्रताप सिंह ने इस घटना को कानून-व्यवस्था के लिए शर्मनाक बताया। यूपी कांग्रेस के अध्यक्ष अजय राय ने आरोप लगाया कि प्रदेश में कानून और सुरक्षा का सिस्टम पूरी तरह फेल हो चूका है। वहीं सपा मुखिया अखिलेश यादव ने सरकार पर निशाना साधते हुए मांग की है कि इस पुरे मामले की बड़ी और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।


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Mehak B