ईरान का दावा- अमेरिका ने मशहद जाने वाले रास्तों के पुलों को बनाया निशाना
ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के बीच अमेरिका द्वारा मशहद जाने वाले दो रेलवे पुलों को निशाना बनाने के दावे के बाद, ईरानी सेना (IRGC) ने पलटवार करते हुए कुवैत और बहरीन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल व ड्रोन हमले किए हैं
अमेरिका: ईरान के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है, जहां ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि अमेरिकी सेना ने उसके दिवंगत सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के कार्यक्रमों को प्रभावित करने के लिए मशहद जाने वाले दो प्रमुख रेलवे पुलों को निशाना बनाया है।
आईआरजीसी के अनुसार, दक्षिणी ईरान के कई इलाकों के साथ-साथ गोलिस्तान प्रांत में स्थित आक तेकेह खान रेलवे ब्रिज पर अमेरिकी क्रूज मिसाइल से हमला किया गया, जिससे दो धमाके हुए, हालांकि इसमें किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
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अमेरिकी मीडिया ने भी अधिकारी के हवाले से इन हमलों की पुष्टि की है, वहीं अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) का कहना है कि उसने होर्मुज स्ट्रेट में खतरा पैदा करने वाली ईरान की सैन्य क्षमताओं को कमजोर करने के लिए यह अतिरिक्त कार्रवाई की है।
इस अमेरिकी हमले के जवाब में आईआरजीसी ने बड़ा पलटवार करते हुए कुवैत और बहरीन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों—अरिफजान कैंप, अली अल सलेम एयर बेस, जुफैर और शेख ईसा एयर बेस पर मिसाइल और ड्रोन से हमले का दावा किया है और इसे अमेरिका के खिलाफ “पहला दंडात्मक चरण” बताया है।
इस भीषण टकराव के बीच, इराक के शहरों से होता हुआ दिवंगत पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामेनेई का ताबूत पवित्र शहर मशहद पहुंच चुका है, जहां उनके अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए लाखों लोगों की भीड़ उमड़ी है और सुरक्षा कारणों व सरकारी प्रतिनिधिमंडलों की आवाजाही को देखते हुए मशहद एयरपोर्ट को पूरी तरह बंद कर दिया गया है।
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