होर्मुज में IRGC ने भारत आ रहे जहाजों पर गोलीबार के बाद कब्ज़े में लिया
नई दिल्ली(इंटरनेशनल डेस्क)। अमेरिका और ईरान के मध्य बढ़ते तनाव के बीच ईरान की अर्धसैनिक ‘रिवोल्यूशनरी गार्ड’ (IRGC) ने होर्मुज जलडमरू मध्य में भारत आ रहे जहाजों को अपना निशाना बनाया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत आ रहे दो जहाजों पर फायरिंग के बाद ईरान ले जाया गया है।
यह घटना आज सुबह की है। जब IRGC की गनबोट्स ने तीन और जहाजों पर बिना किसी चेतावनी के गोलियां चलाईं। UKMTO (यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस) ने पुष्टि की है कि ओमान के उत्तर-पूर्व में एक कंटेनर जहाज पर भारी गोलीबारी हुई, जिससे उसके ‘ब्रिज’ (कंट्रोल रूम) को काफी नुकसान पहुंचा है।
ईरान की समाचार एजेंसी ‘तस्नीम’ ने पुष्टि की है कि IRGC ने “MSC FRANCESCA” और “EPAMINONDAS” नामक दो जहाजों को अपने कब्जे में ले लिया है और उन्हें ईरानी तट पर ले जाया गया है। ईरान का दावा है कि इन जहाजों ने नेविगेशन नियमों का उल्लंघन किया था।
बता दें कि कल 14 जहाजों के काफिले (जिसमें Sanmar Herald और Jag Arnav शामिल थे) पर हमले के बाद, आज भारत जाने वाले अधिकांश जहाजों ने इस रास्ते का इस्तेमाल बंद कर दिया है। वर्तमान में 13 भारतीय मालवाहक जहाज फारस की खाड़ी में फंसे हुए हैं या वापस लौट गए हैं।
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जहाजों के कप्तानों द्वारा भेजे गए संकट संदेशों (Distress Calls) के अनुसार, ईरानी बल बिना किसी रेडियो चेतावनी के सीधे रॉकेट और मशीन गन से हमला कर रहे हैं।
होर्मुज में इस ताजा हिंसा के बाद वैश्विक बाजार में कच्चे तेल (Brent Crude) की कीमतें $100 प्रति बैरल के करीब पहुंच गई हैं। फिलहाल यह समुद्री मार्ग पूरी तरह असुरक्षित बना हुआ है। भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) लगातार ईरानी अधिकारियों के संपर्क में है ताकि वहां फंसे भारतीय नाविकों और जहाजों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की जा सके।
ईरान के साथ बातचीत की संभावनाओं के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस तनाव के बीच भी संघर्षविराम (Ceasefire) की अवधि बढ़ाने की बात की है, लेकिन साथ ही अमेरिकी नौसेना को ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी जारी रखने का निर्देश दिया है।
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