जयराम रमेश का आरोप; सुप्रीम कोर्ट से मुख्य चुनाव आयुक्त पर एक्शन की मांग

जयराम रमेश का आरोप; सुप्रीम कोर्ट से मुख्य चुनाव आयुक्त पर एक्शन की मांग

नई दिल्ली: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद जयराम रमेश ने चुनाव आयोग पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा है कि उसने वोटर लिस्ट के नियमों में बदलाव करके पहली बार वोट देने वाले युवाओं के सामने मुश्किलें खड़ी कर दी हैं।

उन्होंने इस पूरे मामले को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को जिम्मेदार ठहराया है और उनसे सीधे जवाब की मांग की है।

कांग्रेस का कहना है कि इस नए बदलाव के कारण नए और युवा मतदाताओं के लिए अपना नाम वोटर लिस्ट में जुड़वाना अब पहले से ज्यादा कठिन हो गया है।

चुनाव आयोग की ओर से युवा मतदाताओं के लिए विशेष नामांकन शिविर आयोजित करने के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए रमेश ने आरोप लगाया कि आयोग ने इससे पहले नए मतदाताओं के पंजीकरण को मुश्किल बनाने के लिए फॉर्म 6 में बदलाव किए थे। उन्होंने इस बदलाव को “पूरी तरह अवैध और असंवैधानिक” बताया।

वोटर लिस्ट विवाद

जय रमेश रमेश ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कल देर रात घबराए हुए चुनाव आयोग ने अधिकारियों को युवा मतदाताओं के लिए विशेष नामांकन शिविर आयोजित करने और सोशल मीडिया के जरिए उनका ‘व्यापक प्रचार’ करने का निर्देश दिया।

लेकिन मुख्य चुनाव आयुक्त ने इससे पहले फॉर्म 6 में ऐसा बदलाव किया था जिससे युवा मतदाताओं को जोड़ना लगभग असंभव हो गया था।

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने आरोप लगाया है कि चुनाव आयोग ने फॉर्म-6 में गुपचुप बदलाव करके पहली बार मतदान करने वाले युवाओं (Gen Z) के लिए पंजीकरण मुश्किल बना दिया है।

उन्होंने इस कदम को पूरी तरह अवैध और असंवैधानिक” बताते हुए कहा कि फॉर्म में संशोधन करने का अधिकार केवल केंद्र सरकार के पास है न कि चुनाव आयोग के पास रमेश ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया और सुप्रीम कोर्ट से इस मामले पर तुरंत अपने आप संज्ञान लेने की मांग की।

जयराम रमेश ने द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि चुनाव आयोग के अन्य दो आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने भी पिछले 10 महीनों में मतदाता सूची पुनरीक्षण SIR से जुड़े फैसलों पर कम से कम 14 बार अपनी लिखित आपत्तियां दर्ज कराई थीं इस अवैध बदलाव के विरोध में कांग्रेस सपा, राजद और शिवसेना (यूबीटी) समेत पूरे विपक्ष ने मोर्चा खोल दिया है।

भाजपा का तीखा पलटवार

जम्मू-कश्मीर,असम ,उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल सहित देश के कई राज्यों में विपक्षी कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर भारी प्रदर्शन किया दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी भाजपा ने विपक्ष के इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।

केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने पलटवार करते हुए कहा कि विपक्ष आगामी चुनावी हार से जनता का ध्यान भटकाने के लिए ऐसे बेबुनियाद हथकंडे अपना रहा है।

वहीं, एनडीए के सहयोगी चिराग पासवान ने कहा कि जनता का भरोसा बनाए रखने के लिए चुनाव आयोग को इस पूरे विवाद पर अपना पक्ष मजबूती से सामने रखना चाहिए।

चुनाव आयोग ने विवाद पर कहा है कि आंतरिक तकनीकी नोट लिखित सवाल एक बहुसदस्यीय संस्था के सामान्य कामकाज का हिस्सा है।

आयोग ने यह भी कहा कि मतदाता सूची पुनरीक्षण SIR से जुड़े सभी अंतिम फैसले कानूनी मंजूरी के साथ तीनों चुनाव आयुक्तों की सर्वसम्मति से लिए गए थे।

इस बीच, चुनाव आयोग के आंतरिक कामकाज को लेकर चल रहा यह राजनीतिक विवाद 29 सितंबर 2026 नई दिल्ली में होने वाली कांग्रेस कार्यसमिति CWC की बैठक में प्रमुखता से उठाए जाने की उम्मीद है।


Discover more from

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Muskan Asif

मुस्कान आसिफ़ (ZH7TV) एक अनुभवी और रचनात्मक कंटेंट, डायनेमिक डिजिटल एडिटोरियल प्रोफेशनल पत्रकार हैं। जो बड़ी और असरदार खबरों का सटीक विश्लेषण करने में माहिर हैं। वे अपने नेटवर्क की पहुँच बढ़ाने के लिए बेहद आकर्षक वीडियो, टेक्स्ट और इंटरैक्टिव डिजिटल कंटेंट तैयार करती हैं।