जंतर-मंतर प्रदर्शन: आरएएफ ने दागे 70 से ज्यादा शेल

जंतर-मंतर प्रदर्शन: आरएएफ ने दागे 70 से ज्यादा शेल

दिल्ली पुलिस ने पैलेट गन के इस्तेमाल से इनकार किया है, लेकिन दस्तावेजों से पुष्टि होती है कि इसका इस्तेमाल सीआरपीएफ की दंगारोधी इकाई आरएएफ द्वारा किया गया था

 

नई दिल्ली:  20 जुलाई को दिल्ली के जंतर मंतर पर एक बड़ा विरोध प्रदर्शन हुआ था वहाँ गुस्साई भीड़ को रोकने और शांत करने के लिए सीआरपीएफ (CRPF) की रेपिड एक्शन फोर्स ने आंसू गैस के (70) गोले शेल और प्लास्टिक की गोलिया (पैलेट) छोड़ी थी।

इसके अलावा पांच टियर स्मोक ग्रेनेड, एआरजी 2 बीसी और प्लास्टिक पैलेट का भी इस्तेमाल किया गया था। दिल्ली पुलिस के एक सरकारी कागज (दस्तावेज) से पता चला है की भीड़ पर यह कार्यवाई नॉर्थ दिल्ली के बड़े पुलिस अफसर (डीपीपी) राजा भाटिया के कहने पर की गयी। साथ ही, जब यह सब हो रहा था, तब मोके पर आरएएफ (RAF) के कमांडर सतीश सांगवान खुद ड्यूटी संभाल रहे थे।

इस हिंसक झड़प में आरएएफ द्वारा की गई कार्रवाई पर सवाल उठने लगे हैं और पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर विपक्ष सरकार पर हमलावर है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक प्रदर्शनकारी को मीडिया के सामने पेश किया, जिसे पैलेट गन के छर्रे लगे थे।

हालांकि दिल्ली पुलिस ने पैलेट गन के इस्तेमाल से इनकार किया है, लेकिन दस्तावेजों से पुष्टि होती है कि इसका इस्तेमाल सीआरपीएफ की दंगारोधी इकाई आरएएफ द्वारा किया गया था। सूत्रों के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय समझौतों में इन हथियारों के प्रतिबंधित होने की चर्चा है। 1992 में आरएएफ की स्थापना के बाद इस्राइल और बेल्जियम से पैलेट गन खरीदी गई थीं, जिन्हें बाद में डीआरडीओ के निर्देशन में तैयार किया जाने लगा।

पुलिस के सूत्रों ने बतया कि 20 जुलाई को जब भीड़ बिल्कुल बेकाबू हो गयी तब सुरक्षाबलों (RAF) ने दंगा रोकने वाली बन्दुक और दूसरे सामानो का इस्तेमाल किया। ये ऐसे हथियार होते है जिनसे लोगो की जान नहीं जाती बल्कि सिर्फ भीड़ को डराकर भगाया जाता है। सरकारी कागज (दस्तावेज) में बताया गया कि एआरजी यदि सावधानीपूर्वक चलाई जाये, तो यह जानलेवा नहीं होती है।

दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान आरएएफ द्वारा छात्रों पर पैलेट गन चलाने की परिस्थितियों की सीआरपीएफ द्वारा जांच की जा रही है।

इसके तहत वीडियो फुटेज खंगाले जा रहे हैं तथा मौके पर मौजूद आरएएफ के टीम इंचार्ज और कर्मियों से पूछताछ की जाएगी। जांच में यह परखा जा रहा है कि क्या पैलेट गन का इस्तेमाल करने से पहले भीड़ को तितर-बितर करने के अन्य सभी विकल्प समाप्त हो गए थे और क्या इस दौरान तय नियमों व दिशा निर्देशों का पूरी तरह पालन किया गया था या नहीं।


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Sanjana Kumari

संजना कुमारी: रियल-टाइम खबरों पर मजबूत पकड़ रखने वाली डिजिटल कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार, जो सामाजिक-राजनीतिक, क्षेत्रीय और सांस्कृतिक घटनाक्रमों को डिजिटल दर्शकों के लिए सटीक व आकर्षक बनाती हैं