ममता और अभिषेक की सुरक्षा पर कोलकाता पुलिस की सफाई: ‘सिर्फ अतिरिक्त बल हटा, सुरक्षा अब भी बरकरार’
कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों (जिसमें भाजपा को बहुमत मिला है) के बाद कोलकाता पुलिस ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी की सुरक्षा को लेकर चल रही खबरों पर स्थिति स्पष्ट की है।
कोलकाता के पुलिस आयुक्त (सीपी) अजय कुमार नंदा ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सुप्रीमो ममता बनर्जी और पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी के आवासों से सुरक्षा हटाए जाने की खबरों पर स्थिति साफ की है। उन्होंने बताया कि वहां पुलिस कर्मियों की एक अतिरिक्त यूनिट तैनात थी, इसलिए हमने उसे बस कम किया है। उन्होंने यह भी कहा कि जमीन पर जो सुरक्षा व्यवस्था है, वह नियमों के अनुसार ही पूरी तरह तैनात है।
राज्य में चुनाव के बाद हिंसा और तोड़फोड़ की घटनाओं के बीच कोलकाता के पुलिस आयुक्त नंदा ने बुधवार को कहा कि जुलूसों में बुलडोजर का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर कोई बुलडोजर किराये पर ऐसे कामों के लिए देता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने लोगों से यह भी कहा कि अगर किसी को कोई परेशानी हो, तो तुरंत पुलिस से संपर्क करें। साथ ही उन्होंने बताया कि शहर में सुरक्षा बलों की 65 यूनिट तैनात की गई हैं।
उनका यह बयान ऐसे समय में सामने आया, जब मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने राज्य में चुनाव के बाद होने वाली हिंसा पर बर्दाश्त न करने की नीति (जीरो टॉलरेंस) लागू करने और तोड़फोड़ व झड़पों में शामिल लोगों को जल्द गिरफ्तार करने का निर्देश दिया।
राज्य में चुनाव के बाद हिंसा की घटनाओं में मंगलवार को दो लोगों की मौत हो गई थी और कई पार्टी कार्यालयों में तोड़फोड़ हुई थी। कोलकाता पुलिस आयुक्त ने कहा कि विजय जुलूस निकालने के लिए पहले अनुमति लेना जरूरी है।
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उन्होंने चेतावनी दी कि अगर कोई हिंसा या डर का माहौल बनाने की कोशिश करेगा, तो पुलिस केंद्रीय बलों के साथ मिलकर कार्रवाई करेगी। उन्होंने बताया कि अब तक 80 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और हथियार भी बरामद किए गए हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के घर की सुरक्षा कम कर दी गई है। पहले उनके आवास के पास लगे कुछ बैरिकेड भी हटाए गए थे। इसके अलावा,फिरहाद हाकिम, अरूप बिस्वास और सुजीत बोस जैसे अन्य नेताओं की सुरक्षा की समीक्षा भी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था समय-समय पर स्थिति के अनुसार बदली जाती है।
विधानसभा चुनाव दो चरणों में हुए थे और नतीजे चार मई को घोषित किए गए। भाजपा ने 294 सीटों में से 207 सीटें जीतकर भारी बहुमत हासिल किया और तृणमूल कांग्रेस के 15 साल के शासन का अंत हुआ।
हिंसा की घटनाओं के बीच बामनघेरी इलाके में पुलिस टीम पर गोलीबारी की भी खबर सामने आई, जिसमें पुलिस और केंद्रीय बल के जवान घायल हुए। बाद में मौके से बमों से भरा एक बैग भी बरामद हुआ। इस बीच, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव परिणाम को जनादेश मानने से इनकार करते हुए इसे ‘साजिश’ बताया और इस्तीफा देने से इनकार कर दिया।
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