राम मंदिर चंदा विवाद: सुप्रीम कोर्ट में 29 जून को सुनवाई संभव
राम मंदिर चंदा विवाद में एफआईआर दर्ज कर सीबीआई जांच कराने की मांग वाली जनहित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 29 जून को सुनवाई कर सकता है, जबकि विश्व हिंदू परिषद ने इस जांच को चार महीने में पूरा करने की मांग की है
अयोध्या: राम मंदिर चंदा विवाद में कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है, जिसमें मामले की एफआईआर दर्ज करने और सीबीआई की विशेष टीम से जांच कराने की मांग की गई है।
अधिवक्ता अजय कुमार राय और दिनेश कुमार यादव द्वारा दायर इस याचिका को जब गुरुवार को न्यायमूर्ति बी. वी. नागरत्ना और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ के समक्ष तत्काल सुनवाई के लिए पेश किया गया, तो पीठ ने याचिकाकर्ता को कमियां दूर होने की स्थिति में सोमवार, 29 जून को अदालत के सामने मामला पेश (उल्लेख) करने का निर्देश दिया।
इसे भी पढ़ें: यूपी चुनाव 2027: गठबंधन की ज्यादा जरूरत सपा को है… कांग्रेस नेता इमरान मसूद का बड़ा बयान
याचिका में केंद्र व उत्तर प्रदेश सरकार और ट्रस्ट को एक ऐसा ऑडिट व निगरानी तंत्र बनाने का निर्देश देने की मांग भी की गई है जिससे करोड़ों श्रद्धालुओं का भरोसा बना रहे, क्योंकि याचिकाकर्ताओं के अनुसार उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित एसआईटी ने बिना किसी एफआईआर के ही जांच शुरू कर दी थी।
गौरतलब है कि मंदिर ट्रस्ट के अनुरोध पर उत्तर प्रदेश सरकार ने लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत की अगुवाई में एक तीन सदस्यीय एसआईटी गठित की थी, जिसने अपनी गोपनीय रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है।
इसी बीच, विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने भी इस मामले में एफआईआर दर्ज कर अधिकतम चार महीने के भीतर समयबद्ध जांच पूरी करने और फास्ट-ट्रैक अदालत के जरिए दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग की है।
Discover more from
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
