राम मंदिर के बाद अब मां बगलामुखी मंदिर में दान घोटाला! MP सरकार ने दिए जांच के आदेश

राम मंदिर के बाद अब मां बगलामुखी मंदिर में दान घोटाला! MP सरकार ने दिए जांच के आदेश

आगर मालवा: अयोध्या के राम मंदिर में दान और चंदे की हेराफेरी का विवाद अभी पूरी तरह थमा भी नहीं था कि मध्य प्रदेश के आगर मालवा जिले से एक ऐसा ही चौंकाने वाला मामला सामने आ गया है।

सुप्रसिद्ध मां बगलामुखी मंदिर में कथित वित्तीय अनियमितताओं और श्रद्धालुओं से चंदे की अवैध वसूली के गंभीर आरोपों के बाद, मध्य प्रदेश सरकार ने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं।

समानांतर व्यवस्था बनाकर निजी खातों में जमा हो रहा था चंदा!

आगर-मालवा के कलेक्टर ने मंगलवार को इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए 3 सदस्यीय विशेष जांच समिति (SIT) का गठन किया है। दरअसल, प्रशासन को शिकायतें मिली थीं कि आधिकारिक तौर पर मान्यता प्राप्त मंदिर प्रबंधन समिति से अलग, एक गैर-सरकारी समिति वहां अवैध रूप से चंदा इकट्ठा कर रही थी।

शिकायत में बेहद गंभीर आरोप लगाए गए हैं कि भक्तों द्वारा मां बगलामुखी को चढ़ाए जाने वाले कैश, सोने, चांदी और कीमती गहनों को एक समानांतर (पैरेलल) व्यवस्था के जरिए गायब किया जा रहा था।

इस गुप्त चढ़ावे को आधिकारिक खातों की जगह निजी बैंक खातों में जमा कराया जा रहा था।

कलेक्टर ने अपने आदेश में स्पष्ट कहा कि गैर-सरकारी समिति द्वारा चंदा वसूलना और निजी खातों का इस्तेमाल करना बेहद गंभीर प्रकृति का मामला है, जिसकी निष्पक्ष और विस्तृत जांच होना अनिवार्य है।

7 दिनों में सौंपनी होगी रिपोर्ट, इन अफसरों को मिली जिम्मेदारी

इस बड़े घोटाले की परतें खोलने के लिए बनाई गई जांच समिति की कमान आगर-मालवा जिला पंचायत के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) वी.एस. चौबे को सौंपी गई है। उनके साथ जिला कोषागार अधिकारी मनीष चौबे और नलखेड़ा की मुख्य नगरपालिका अधिकारी मिनी अग्रवाल को सदस्य बनाया गया है।

इस समिति को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि मंदिर परिसर का बारीकी से निरीक्षण करें और सभी रिकॉर्ड व बैंक खातों को खंगालें। इसके अलावा कैश और कीमती धातुओं के रूप में आए कुल दान का भौतिक सत्याप करें। इस बात का भी पता लगाएं कि इस समानांतर व्यवस्था के पीछे कौन-कौन से सरकारी अधिकारी, मंदिर प्रबंधन के प्रतिनिधि या बाहरी लोग शामिल हैं। जांच कमेटी को अपनी पूरी जांच रिपोर्ट 7 दिनों के भीतर प्रशासन को सौंपनी होगी।

विपक्ष का हमला: उमंग सिंघार ने बीजेपी सरकार को घेरा

इस मामले के सामने आते ही मध्य प्रदेश में सियासत भी गरमा गई है। कांग्रेस ने इस मुद्दे पर बीजेपी सरकार को आड़े हाथों लिया है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने तंज कसते हुए कहा कि पहले अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी और महाकाल मंदिर की जमीन पर कब्जे के विवाद सामने आए, और अब मां बगलामुखी मंदिर में भी यही खेल हो रहा है।

सिंघार ने मामले की पूरी पारदर्शिता के साथ जांच करने की मांग की और कहा कि बीजेपी सरकार को भक्तों की आस्था और उनके दान का सही हिसाब-किताब सुनिश्चित करना चाहिए और दोषियों को सलाखों के पीछे भेजना चाहिए।

मां बगलामुखी मंदिर का महत्व:

आगर-मालवा के नलखेड़ा में स्थित मां बगलामुखी मंदिर देश के सबसे सिद्ध और प्रमुख शक्तिपीठों में से एक है। हिंदू सनातन परंपरा की दस महाविद्याओं में से एक देवी बगलामुखी को समर्पित इस मंदिर में देश भर से वीआईपी, राजनेता और आम श्रद्धालु अपनी मन्नतें लेकर आते हैं। ऐसे पावन स्थल पर दान में हेरफेर की खबर ने श्रद्धालुओं को झकझोर कर रख दिया है।


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Raja Zaid

"राजा ज़ैद एक जाने-माने पत्रकार हैं। उन्हें देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ राजनीति और सामायिक विषयो की कवरेज का 15 वर्षो से अधिक का अनुभव है।