महादेव सट्टा ऐप घोटाला: ईजमाईट्रिप के प्रमोटर निशांत पिट्टी पर ईडी का शिकंजा, करीब 60 करोड़ के शेयर फ्रीज
नई दिल्ली (इंटरनेशनल डेस्क): प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ऑनलाइन ट्रेवल कंपनी ईजमाईट्रिप के सह-संस्थापक निशांत पिट्टी को नया आरोपी बनाया है। एजेंसी ने रायपुर की विशेष अदालत में दाखिल की गई अपनी पूरक चार्जशीट में उन पर गंभीर आरोप लगाए है।
ईडी के मुताबिक निशांत पिट्टी ने अवैध सट्टेबाजी के जरिए कमाए गए काले धन को छिपाने और विदेशी पोर्टफोलियो निवेश का मुखौटा पहनकर उसे भारतीय शेयर बाजार में निवेश कराने में आरोपियों की मदद की थी।
निशांत पिट्टी पर चार्जशीट और शेयर अटैच
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रायपुर की विशेष पीएमएलए अदालत में दायर अपनी पांचवीं सप्लीमेंट्री चार्जशीट में ईजमाईट्रिप के सह-संस्थापक निशांत पिट्टी समेत 42 व्यक्तियों और कंपनियों को आरोपी बनाया है और उनके 59.60 करोड़ रुपये मूल्य के डीमैट शेयरों को अस्थायी रूप से अटैच करते हुए जब्त करने की अनुमति मांगी है।
ईडी की जांच के अनुसार, पिट्टी दुबई स्थित अवैध सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म स्काईएक्सचेंज के मुख्य आरोपी हरि शंकर तिबरेवाल के करीबी सहयोगी रहे हैं और उन्होंने शेयर बाजार में अवैध रकम की लेयरिंग तथा ईजमाईट्रिप के शेयर मूल्य को कृत्रिम रूप से बढ़ाने के लिए तिबरेवाल के साथ मिलकर शेयर मूल्य हेरफेर का समझौता किया था।
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इसके अलावा, इस मामले में ईबिक्स ग्रुप के चेयरमैन विकास गर्ग को भी तिबरेवाल की संस्थाओं से 765.77 करोड़ रुपये प्राप्त कर अमेरिकी कंपनी के अधिग्रहण में इस्तेमाल करने के आरोप में नामजद किया गया है, जबकि महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप से जुड़े इस पूरे मनी लॉन्ड्रिंग मामले में एजेंसी अब तक 14 गिरफ्तारियां करने के साथ ही लगभग 1,885 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क कर चुकी है।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने स्पष्ट किया है कि महादेव ऐप घोटाला मामला अक्टूबर 2022 में छत्तीसगढ़ पुलिस की एफआईआर के आधार पर PMLA के तहत दर्ज किया गया था। सिंडिकेट के मुख्य सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल फरार घोसित है जिन्हें भारत लाने के लिए रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया है।
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