नायरा एनर्जी का बड़ा फैसला: शनिवार से पेट्रोल ₹5 और डीजल ₹3 महंगा
नई दिल्ली: प्राइवेट तेल कंपनी नायरा एनर्जी ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का हवाला देते हुए पेट्रोल ₹5 और डीजल ₹3 प्रति लीटर महंगा कर दिया है। यह नई दरें शनिवार सुबह से ही लागू हो गई है जिसके बाद सरकारी और प्राइवेट पेट्रोल पंपों के रेट में बड़ा अंतर देखने को मिला सकता है। देश भर में फैल कंपनी के 7,108 आउटलेट्स पर इस फैसले का सीधा असर पड़ेगा, जिससे अब ग्राहकों को अपनी जेब ढीली करनी होगी।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतें बढ़ने, पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव व आपूर्ति में बाधाओं के कारण नायरा ने एक बार फिर पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ा दिए हैं, जबकि इससे पहले ईरान संघर्ष के कारण मार्च में भी कीमतें बढ़ाई गई थीं और जुलाई में कीमतें घटाई गई थीं, वहीं देश के 90 प्रतिशत से अधिक पंपों पर दबदबा रखने वाली सरकारी कंपनियों तथा जियो-बीपी ने अभी दाम नहीं बदले हैं।
कंपनियों पर भारी नुकसान
जिसके चलते खुदरा और थोक डीजल के अंतर और औद्योगिक उपभोक्ताओं द्वारा पंपों का रुख किए जाने से दबाव बढ़ गया है और इक्रा की रिपोर्ट के अनुसार सितंबर में खुदरा कीमतें स्थिर रहने के कारण तेल कंपनियों को पेट्रोल पर करीब 8 रुपये, डीजल पर करीब 9 रुपये प्रति लीटर तथा कुल मिलाकर प्रतिदिन करीब 530 करोड़ रुपये का भारी नुकसान हो रहा था।
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नायरा एनर्जी द्वारा पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाने से सरकारी और प्राइवेट पंपों के रेट में अंतर आना तय है। अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार की महंगाई का बोझ बाकी तेल कंपनियां भी ग्राहकों पर डालती हैं, तो ईंधन महंगा होने से माल ढुलाई का खर्च बढ़ जाएगा।
ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट बढ़ने का सीधा असर हमारी रोजमर्रा की चीजों पर पड़ेगा, जिससे बाजार में महंगाई पैर पसार सकती है। इसके विपरीत, यदि घाटे के डर से तेल कंपनियां अपनी खुदरा कीमतें नहीं बढ़ाती हैं, तो उनके मुनाफे पर बुरा असर पड़ेगा, जिससे आने वाले दिनों में उन पर दाम बढ़ाने का दबाव और ज्यादा बढ़ जाएगा।
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