अमेरिकी हवाई हमलों से ईरान में भारी तबाही: 30 से अधिक की मौत, खामेनेई सरकार ने की पुष्टि
पश्चिम एशिया में गहराते संकट और थमी बातचीत के बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति की ईरान को दी गई नई धमकी और हमलों के लगातार जारी रहने से पूरे खाड़ी क्षेत्र में भीषण युद्ध फैलने की आशंका चरम पर पहुंच गई है
नई दिल्ली (इंटरनेशनल डेस्क): मध्य गाजा पट्टी के दीर अल-बलाह शहर में बुधवार तड़के एक घर पर हुए इस्राइली हेलीकॉप्टर के हवाई हमले में मृतकों की संख्या बढ़कर चार हो गई है, जिसमें एक छह साल की मासूम बच्ची भी शामिल है।
इस हमले में एक ही परिवार के 33 वर्षीय उमर सामी अहमद अबू कासिम, उनकी पत्नी अस्मा गाजी अबू कासिम और उनकी छह वर्षीय बेटी हबीबा उमर सामी अबू कासिम की मौत हो गई। इस बीच गाजा पट्टी के कई अन्य इलाकों में भी लगातार भारी गोलाबारी और हवाई हमले जारी हैं।
दूसरी ओर, ईरान पर अमेरिका द्वारा किए गए हवाई हमलों में हाल के दिनों में 30 से अधिक लोगों की मौत की खबर है, जिसकी पुष्टि बुधवार को ईरानी सरकार की प्रवक्ता फातेमेह मोहाजेरानी ने की।
हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि यह आंकड़ा किस निश्चित अवधि का है। वहीं, ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता के अनुसार रातभर हुए अमेरिकी हमलों में 260 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
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अमेरिका और इस्राइल के साथ जारी इस भीषण संघर्ष के बीच ईरान बेहद सीमित अंतराल पर ही अपने हताहतों के आंकड़े साझा कर रहा है।
इस बीच, ईरानी सेना ने इरानशहर के बम्पूर गैरीसन (सैन्य बैरक) पर हुए अमेरिकी हमले को कायरतापूर्ण आक्रामकता करार देते हुए कहा है कि इसका उचित समय पर निर्णायक जवाब दिया जाएगा।
सेना के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने इस सैन्य अड्डे पर 13 मिसाइलें दागीं, जिससे 388वीं ब्रिगेड के सात सैनिकों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए।
सेना का आरोप है कि अमेरिका का उद्देश्य अधिकतम जनहानि पहुंचाना था, जिसके तहत गेस्ट हाउस, सुरक्षा चौकियों और आवासीय परिसरों को निशाना बनाया गया, लेकिन ‘निष्क्रिय रक्षा उपायों’ के कारण नुकसान को काफी हद तक सीमित रखने में मदद मिली।
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