ISRO को कमजोर कर उपग्रह संपतियां निजी कंपनियों को सौप रही मोदी सरकार: कांग्रेस
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नई दिल्ली: कांग्रेस ने सोमवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार देश के अंतरिक्ष कार्यक्रम का तेजी से निजीकरण कर रही है और इसरो की भूमिका को जान भूझकर छोटा किया जा रहा है। विपक्ष का कहना है की निजी कंपनियों और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के चक्कर में सरकार देश की इस ऐतिहासकि सरकारी संस्था को कमजोर कर रही है।
पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर आरोप लगाया है कि सरकार रॉकेट के विकास और निर्माण में इसरो (ISRO) की भूमिका को सीमित कर रही है और उपग्रह संबंधी संपत्तियों को निजी कंपनियों को ट्रांसफर करने की तैयारी में है, जिससे इसरो जैसे संस्थान को कमजोर किए जाने का अंदेशा है और इस पर सरकार की तरफ से फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
कांग्रेस सांसद ने दावा किया कि परमाणु ऊर्जा क्षेत्र की तरह अंतरिक्ष कार्यक्रम में भी सरकार के निजीकरण के एजेंडे को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिसके पीछे प्रधानमंत्री और प्रधानमंत्री कार्यालय का स्पष्ट प्रोत्साहन नजर आता है।
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कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने इसरो के पूर्व अध्यक्ष जी माधवन नायर का हवाला देते हुए कहा कि जो नेता 2018 में पीएम से प्रेरित होकर भाजपा में शामिल हुए थे उन्होंने भी अंतरिक्ष क्षेत्र के निजीकरण पर गंभीर सवाल उठाए है। रमेश ने चिंता जताते हुए पूछा की जब इसरो जैसी प्रतिष्ठित सरकारी संस्था को निजी हाथो में सौपने की तैयारी चल रही है तो इसरो के बाकि पांच जीवित पूर्व अध्यक्ष इस संवेदनशील और मह्त्वपूर्ण मुद्दे पर चुप क्यों है और अपनी बात क्यों नहीं रख रहे है।
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