एमपी: कचरा वाहन से शव ढोने का वीडियो वायरल, स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल
अस्पताल में शव वाहन उपलब्ध न होने के कारण मृतकों के शवों को नगर परिषद के कचरा ढोने वाले वाहन से शमशान या शवगृह तक ले जाया गया
नई दिल्ली: छतरपुर जिले के बड़ा मलहरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में शवों के परिवहन को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आई है। अस्पताल में शव वाहन उपलब्ध न होने के कारण मृतकों के शवों को नगर परिषद के कचरा ढोने वाले वाहन से श्मशान या शवगृह तक ले जाया जा रहा है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाओं पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।
इस अमानवीय व्यवस्था को लेकर स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने कड़ी नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि अस्पताल का दर्जा बढ़ने के बावजूद वहां आज तक शव वाहन जैसी मूलभूत सुविधा तक नहीं मिल पाई है। लोगों का आरोप है कि अंतिम विदाई के समय भी मृतकों को सम्मानजनक व्यवस्था न मिलने से परिजनों की भावनाएं आहत हो रही हैं।
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सामाजिक संगठनों ने कड़ी नाराजगी जताई
मामला तूल पकड़ने के बाद नागरिकों ने स्वास्थ्य विभाग से तत्काल एक समर्पित शव वाहन उपलब्ध कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि जिस गाड़ी का उपयोग कचरा उठाने के लिए किया जाता है, उसी में शवों का परिवहन करना सिस्टम की बड़ी खामी को उजागर करता है।
इस मामले पर बड़ा मलहरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के बीएमओ डॉ. हेमंत मरैया ने सफाई देते हुए बताया कि अस्पताल के लिए शव वाहन की मांग कई बार उच्च अधिकारियों को भेजी जा चुकी है, लेकिन अब तक इसके लिए बजट स्वीकृत नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि मजबूरी में नगर परिषद के वाहन से शवों का परिवहन कराना पड़ रहा है और बजट मिलते ही शव वाहन की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित कर दी जाएगी।
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