बृजभूषण को दिल्ली कोर्ट का नया समन: पहलवानो की अर्जी पर माँगा जवाब
नई दिल्ली: कथित यौन उत्पीड़न मामले में दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह और पूर्व सचिव विनोद तोमर को नोटिस जारी किया है। चार महिला पहलवानो ने इन दोनों को बरी किए जाने के 3 अगस्त के फैसले के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाया था।
इसी पुनर्विचार याचिका पर सोमवार को स्पेशल जज दिग्विजय सिंह ने सुनवाई करते हुए दोनों आरोपियों से जवाब मांगा है और मामले की अगली सुनवाई के लिए 9 अक्टूबर की तारीख तय की है।
चुनिंदा सबूतों को देखने का आरोप
बृजभूषण शरण सिंह और विनोद तोमर को दिल्ली की मजिस्ट्रेट कोर्ट द्वारा 3 अगस्त 2026 को बरी किए जाने के फैसले के खिलाफ चार महिला पहलवानों ने सेशन कोर्ट में अपील दायर की है, जिसमें उन्होंने मजिस्ट्रेट कोर्ट के फैसले की कानूनी वैधता पर सवाल उठाते हुए यह दावा किया है कि मामले में पेश किए गए सबूतों का गलत और चुनिंदा आकलन किया गया तथा गवाहों के समर्थन वाली पूरी तस्वीर पर ध्यान देने के बजाय छोटी और गैर-जरूरी गलतियों को अधिक महत्व दिया गया।
गौरतलब है कि 2023 में महिला पहलवानों द्वारा 2016 से 2022 के बीच राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं और कैंपों के दौरान यौन उत्पीड़न के आरोप लगाने पर दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर 15 जून 2023 को चार्जशीट दाखिल की थी।
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जिसके बाद मई 2024 में ट्रायल कोर्ट ने बृजभूषण सिंह के खिलाफ पांच महिला पहलवानों की शिकायतों से जुड़े आरोप तय किए थे और एक अन्य शिकायत में उन्हें डिस्चार्ज किया था, जबकि विनोद पर आपराधिक धमकी का मामला चला था। अपील में इसी पूरे मामले में साक्ष्यों के सही मूल्यांकन न होने का हवाला देते हुए फैसले को चुनौती दी गई है।
महिला पहलवानो ने अपनी नई याचिका में अदालत के पुराने फैसले पर सवाल उठाते हुए इस रूढ़िवादी सोच पर आधारित बताया है। उनका कहना है कि कोर्ट ने यौन उत्पीड़न का शिकार हुई महिलाओं के व्यवहार को लेकर पुरानी धारणाओं के आधार पर आरोपियों को बरी कर दिया। पहलवानो का दावा है कि अदालत को उनके बयानों में छोटी-मोटी कमियां ढूढ़ने के बजाय, उनके हालातो और सभी सबूतों को एक साथ मिलकर देखना चाहिए था।
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