ट्रंप को झटका, वाइट हॉउस में मीडिया एंट्री पर लगी रोक को कोर्ट ने हटाया

ट्रंप को झटका, वाइट हॉउस में मीडिया एंट्री पर लगी रोक को कोर्ट ने हटाया

नई दिल्ली (इंटरनेशनल डेस्क): अमेरिका में ट्रंप प्रशासन और मीडिया हाउसेज के बीच चल रही तनातनी में नया मोड़ आ गया है। अमेरिकी कोर्ट के जज टिमोथी केली ने ट्रंप सरकार को आदेश दिया है कि वह CNN, MS Now और Politico के पत्रकारों को व्हाइट हाउस में दोबारा आने की इजाजत दे।

कोर्ट ने माना कि इन मीडिया संस्थानों पर रोक लगाया गैर-कानूनी हो सकता है। पिछले हफ्ते ही ट्रंप प्रशासन ने इन पत्रकारों के व्हाइट हाउस आने पर रोक लगा दी थी, जिसके खिलाफ इन तीन संस्थानों ने अदालत का दरवाजा खटखटाया था।

प्रेस पास रद्द करने पर जज के सवाल

अदालत में बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान न्यायाधीश टिमोथी केली ने इस बात पर गंभीर सवाल उठाया था कि क्या पत्रकारों के प्रेस पास रद्द करने से पहले प्रशासन ने उचित कानूनी प्रक्रिया का पालन किया था या नहीं।

सुनवाई के दौरान उन्होंने संकेत दिया कि प्रक्रिया का सही पालन नहीं किया गया है, जिसके बाद गुरुवार को उन्होंने पत्रकारों की व्हाइट हाउस पहुंच बहाल करने का स्पष्ट आदेश दिया। सुनवाई के दौरान मीडिया संस्थानों के वकील थियोडोर बुट्रॉस ने प्रशासन की इस कार्रवाई को वैचारिक और दृष्टिकोण आधारित भेदभाव करार दिया।

दूसरी ओर, न्याय विभाग ने ट्रंप प्रशासन के फैसले का बचाव करते हुए तर्क दिया कि व्हाइट हाउस में प्रवेश पत्रकारों का कोई बिना शर्त या असीमित अधिकार नहीं है, बल्कि यह एक विशेषाधिकार है।

ट्रंप प्रशासन की ओर से अमेरिकी न्याय विभाग ने अदालत में दलील दी कि व्हाइट हाउस राष्ट्रपति का कार्यालय और निवास दोनों है, इसलिए प्रशासन को वहां आने वाले पत्रकारों के लिए सुरक्षा मानक तय करने का पूरा अधिकार है।

प्रशासन ने पत्रकारों की पहुंच सीमित करने के पीछे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं का हवाला देते हुए कहा कि संवेदनशील और गोपनीय जानकारी के प्रकाशन को रोकने के लिए ओवल office जैसे सीमित क्षेत्रों में नियंत्रण जरूरी है।

प्रशासन ने इस बात से भी इनकार किया कि यह प्रतिबंध ट्रंप की आलोचनात्मक रिपोर्टिंग के जवाब में लगाया गया था, और दावा किया कि यदि ये संस्थान आलोचना न भी करते तब भी प्रशासन यही कदम उठाता।

इसके विपरीत, मीडिया संस्थानों के वकीलों ने राष्ट्रीय सुरक्षा के इस तर्क को खारिज करते हुए कहा कि सामान्य पत्रकारिता की रिपोर्टों पर केवल राष्ट्रीय सुरक्षा का नाम लेकर प्रेस की स्वतंत्रता को दबाया नहीं जा सकता।

अदालत के इस आदेश के बाद अमेरिकी सरकार और इन तीनों मीडिया घरानों के बीच का कानूनी मामला एक नए मोड़ पर आ गया है। ट्रंप प्रशासन का तर्क है कि व्हाइट हाउस की सुरक्षा और वहां आने-जाने की अनुमति देना पूरी तरह सरकार के अधिकार क्षेत्र में है।

दूसरी तरफ, मीडिया संस्थान इसे प्रेस की आजादी और अपने कानूनी अधिकारों का हनन बता रहे है। दोनों पक्षों के इसी टकराव के बीच कोर्ट का यह नया फैसला आया है।


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Mehak B