चढ़ावा चोरी मामला: SIT को जांच पूरी करने के लिए मिला 15 दिन का अतिरिक्त वक्त

चढ़ावा चोरी मामला: SIT को जांच पूरी करने के लिए मिला 15 दिन का अतिरिक्त वक्त

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच कर रही विशेष जांच समिति (एसआईटी) को शासन ने 15 दिनों का अतिरिक्त समय दिया है, जिसके बाद अब यह टीम 15 जुलाई को अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपेगी

उत्तर प्रदेश: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जांच कर रही विशेष जांच समिति (एसआईटी) को गहराई से छानबीन के लिए 15 दिन का अतिरिक्त समय दिया गया है।

मामले में अभी तक प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी जा चुकी है और आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, जिनसे लगातार पूछताछ की जा रही है। बुधवार को मिले इस सेवा विस्तार के बाद अब एसआईटी 15 जुलाई को शासन को अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपेगी।

एसआईटी की जांच में अभी तक कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने कई बार में मंदिर से दान की रकम पार की और उसे अलग-अलग जगह निवेश किया।

पुलिस ने कोर्ट की अनुमति के बाद मंगलवार को जेल में बंद आरोपियों से करीब दो घंटे तक पूछताछ की। इसमें सबसे लंबी पूछताछ आरोपी अविनाश मिश्रा से की गई, क्योंकि सबसे अधिक बरामदगी उसी के पास से हुई थी। आरोपियों ने करोड़ों रुपये की चोरी स्वीकारते हुए पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया।

इस दौरान ट्रस्टी अनिल मिश्रा का नाम फिर सामने आया और बताया गया कि दान राशि की गणना संबंधी प्रक्रिया में उनकी प्रमुख भूमिका रहती थी।

इस पूरे प्रकरण में पुलिस ने बीते बृहस्पतिवार को केस दर्ज किया था। इसके बाद शुक्रवार को चंपत राय के करीबी टिन्नू यादव, गणना इंचार्ज सुभाष श्रीवास्तव व गणनाकर्मी अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष यादव, रमाशंकर मिश्रा, करुणेश और अवनीश शुक्ला को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।

सूत्रों के अनुसार, पूछताछ में पता चला है कि टिन्नू यादव के पास गणना कक्ष की चाबी रहती थी, जबकि दूसरी चाबी बैंक कर्मियों के पास होती थी। इन सभी की मिलीभगत से रकम पार की जाती थी और टिन्नू व बैंककर्मी इस चोरी की रकम में अपना-अपना हिस्सा लेते थे।


Discover more from

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Sanjana Kumari

संजना कुमारी: रियल-टाइम खबरों पर मजबूत पकड़ रखने वाली डिजिटल कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार, जो सामाजिक-राजनीतिक, क्षेत्रीय और सांस्कृतिक घटनाक्रमों को डिजिटल दर्शकों के लिए सटीक व आकर्षक बनाती हैं