ओवैसी बोले: संविधान लोगों से शुरू होता है, वंदे मातरम और राष्ट्रगान बराबर नहीं

ओवैसी बोले: संविधान लोगों से शुरू होता है, वंदे मातरम और राष्ट्रगान बराबर नहीं

हैदारबाद: केंद्र सरकार द्वारा ‘वंदे मातरम’ को ‘जन-गण-मन’ के समान दर्जा देने और इसे कानूनी सुरक्षा प्रदान करने के फैसले पर AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने तीखा हमला बोला है। ओवैसी का स्पष्ट तर्क है कि ‘जन-गण-मन’ और ‘वंदे मातरम’ को किसी भी स्थिति में बराबर नहीं रखा जा सकता।

उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी बात रखते हुए कहा कि भारत का संविधान “हम, भारत के लोग” से शुरू होता है, न कि किसी देवी या देवता के आह्वान से। ओवैसी के अनुसार, राष्ट्रगान भारत और उसके नागरिकों की विविधता का उत्सव मनाता है, जबकि ‘वंदे मातरम’ एक “देवी की स्तुति” है जो धर्मनिरपेक्ष लोकतंत्र के ढांचे में राष्ट्रगान के समकक्ष नहीं हो सकती।

इतिहास का हवाला देते हुए ओवैसी ने तर्क दिया कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस, महात्मा गांधी, पंडित नेहरू और रवींद्रनाथ टैगोर जैसे महान व्यक्तित्वों ने भी इसे राष्ट्रगान बनाने के विचार को स्वीकार नहीं किया था। उन्होंने यह भी दावा किया कि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा लिखित इस गीत में मुस्लिम विरोधी संदर्भ और ब्रिटिश राज के प्रति सहानुभूति थी।

ओवैसी ने जोर देकर कहा कि अनुच्छेद 1 के तहत भारत “राज्यों का संघ” है और संविधान विचार, अभिव्यक्ति और धर्म की स्वतंत्रता की गारंटी देता है, इसलिए किसी विशिष्ट धार्मिक पृष्ठभूमि वाले गीत को थोपना संवैधानिक मूल्यों के विपरीत है।

दूसरी ओर, केंद्र सरकार का यह फैसला ‘राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971’ में संशोधन के माध्यम से वंदे मातरम के अपमान को दंडनीय अपराध बनाने की दिशा में है। सरकार का तर्क है कि वंदे मातरम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का एक महत्वपूर्ण प्रतीक रहा है।

और इसे राष्ट्रगान जैसी ही गरिमा मिलनी चाहिए। इस विवाद ने एक बार फिर संवैधानिक राष्ट्रवाद बनाम सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की बहस को तेज कर दिया है, जहां भाजपा समर्थक इसे राष्ट्रीय गौरव का विषय बता रहे हैं, वहीं ओवैसी इसे संविधान की धर्मनिरपेक्ष प्रस्तावना के खिलाफ मान रहे हैं।


Discover more from

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Raja Zaid

"राजा ज़ैद एक जाने-माने पत्रकार हैं। उन्हें देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ राजनीति और सामायिक विषयो की कवरेज का 15 वर्षो से अधिक का अनुभव है।